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Bhiwani Fraud: भिवानी में नकली सरसों का गोरखधंधा, गोदाम सील, 1930 बैग बरामद

On: April 27, 2025 11:37 AM
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Bhiwani Fraud: भिवानी में नकली सरसों का गोरखधंधा, गोदाम सील, 1930 बैग बरामद
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Bhiwani Fraud Fake mustard racket in Bhiwani: Warehouse sealed, 1930 bags recovered: हरियाणा के भिवानी जिले की चारा मंडी में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहां नकली सरसों का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। अधिकारियों ने एक गोदाम पर छापा मारकर 1930 बैग नकली सरसों बरामद की, जिसे असली सरसों में मिलाकर बेचने की साजिश रची जा रही थी। इस घटना ने न केवल स्थानीय व्यापारियों, बल्कि उपभोक्ताओं को भी चौंका दिया है। गोदाम को सील कर दिया गया है, और सात फर्मों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि कैसे यह धंधा उजागर हुआ।

चारा मंडी में छिपा काला खेल Bhiwani Fraud

भिवानी की चारा मंडी, जहां सरसों का व्यापार जोरों पर रहता है, वहां एक गहरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। एक गोदाम में नकली सरसों तैयार की जा रही थी, जो मिट्टी जैसे पदार्थ से बनी थी। इस नकली सरसों को असली सरसों में मिलाकर बाजार में बेचने की योजना थी, जिससे व्यापारी मोटा मुनाफा कमा सकें। यह धंधा इतने सुनियोजित ढंग से चल रहा था कि बिना किसी ठोस सूचना के इसका खुलासा मुश्किल था। लेकिन, जब अधिकारियों को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

छापे में खुला राज

सूचना मिलते ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सिंचाई विभाग के एसडीओ संदीप मलिक की अगुवाई में एक जांच टीम गठित की गई। पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर टीम ने चारा मंडी के पास स्थित गोदाम पर देर रात छापा मारा। छापे के दौरान गोदाम से 1930 बैग नकली सरसों बरामद हुई, जिसमें प्रत्येक बैग 50 किलो का था। इसके अलावा, 564 खाली बैग भी मिले, जिनका मार्का नकली सरसों के बैगों से मिलता-जुलता था। गोदाम को तुरंत सील कर दिया गया, और जांच को और गहरा करने के लिए मंडी की सात फर्मों से सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को हरियाणा वेयरहाउस की लैब में जांच के लिए भेजा गया है, ताकि नकली सरसों की बनावट और इसके स्रोत का पता लगाया जा सके।

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गोदाम का किरायेदार और फर्म का इनकार

जांच में पता चला कि यह गोदाम दो महीने पहले किराए पर लिया गया था। गोदाम का मालिक एक स्थानीय होटल व्यवसायी है, और इसे मंडी की एक फर्म ने किराए पर लिया था। जब जांच टीम ने फर्म के मालिक को बुलाया, तो उन्होंने गोदाम से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार कर दिया। फर्म का नाम कालिया, बलवीर सिंह रतन सिंह बताया जा रहा है, लेकिन मालिक के इनकार ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। अब पुलिस और प्रशासन इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि गोदाम का असली संचालक कौन है और नकली सरसों का यह धंधा कब से चल रहा था।

नकली सरसों की बनावट

बरामद नकली सरसों को देखकर पहली नजर में यह असली सरसों जैसी ही लगती है, लेकिन यह मिट्टी जैसे दानों से तैयार की गई थी। यह कैसे और कहां बनाई गई, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मिलावट न केवल व्यापार की नैतिकता को ठेस पहुंचाती है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस नकली सरसों को पहले भी बाजार में बेचा गया था।

व्यापारियों में हड़कंप

छापे की कार्रवाई के दौरान मंडी के कई आढ़ती सैंपल लेने से बचने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई को पूरी सख्ती से अंजाम दिया। चारा मंडी में इस खुलासे के बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनके द्वारा खरीदी गई सरसों शुद्ध है या उसमें भी मिलावट हो सकती है। इस घटना ने उपभोक्ताओं का भरोसा भी डगमगाया है।

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प्रशासन की सख्ती और भविष्य

भिवानी प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जांच टीम में डीएमइओ श्याम सुंदर, मार्केट कमेटी सचिव अनिल कुमार, कृषि विभाग के एसडीओ संजय कुमार, और जीएसटी विभाग के अधिकारियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मिलावट के इस धंधे में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई न केवल नकली सरसों के कारोबार को रोकने के लिए है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भी एक बड़ा कदम है।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

यह घटना हमें सतर्क रहने की सीख देती है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे सरसों या अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता की जांच करें। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। एक पारदर्शी और नैतिक व्यापार व्यवस्था ही उपभोक्ताओं का भरोसा जीत सकती है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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