Chandigarh cyber fraud: Cyber fraud of Rs 1.3 crore in Chandigarh! Man who robbed by creating fake identity arrested, know the whole matter: चंडीगढ़ | चंडीगढ़ पुलिस ने एक सनसनीखेज साइबर ठगी के मामले में बड़ा खुलासा किया है। साइबर क्राइम थाने ने 34 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी पहचान बनाकर 1.3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
यह कार्रवाई साइबर क्राइम की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल, डीएसपी ए. वेंकटेश और इंस्पेक्टर इरम रिजवी की निगरानी में हुई। आरोपी की इस चालाकी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। आइए जानते हैं इस ठगी की पूरी कहानी और पुलिस की सलाह।
कैसे हुई 1.3 करोड़ की ठगी? Chandigarh cyber fraud
आरोपी, जोशुआ ऑस्कर नेविस, मुंबई का रहने वाला है। शिकायतकर्ता को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें भेजने वाले ने उनके नियोक्ता की तरह बात की और एक नए प्रोजेक्ट के लिए तुरंत पैसा ट्रांसफर करने को कहा।
मैसेज को असली समझकर शिकायतकर्ता ने जोशुआ के ICICI बैंक खाते में 1.3 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी थी।
20 अप्रैल को FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुंबई में छापेमारी की और 13 अगस्त को जोशुआ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह टेलीग्राम के जरिए एक शख्स से मिला, जिसे उसने अपना बैंक अकाउंट, चेक बुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड दे दिया, जिसका इस्तेमाल इस ठगी के लिए हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत FIR दर्ज की। जोशुआ को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। वह फिलहाल हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। इस घटना ने साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर किया है।
सावधान रहें, साइबर ठगी से बचें
चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि रिश्तेदारों, कूरियर कंपनियों, नारकोटिक्स अधिकारियों या पुलिसकर्मियों के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल्स और मैसेज से सतर्क रहें। किसी भी सत्यापन, गिरफ्तारी से बचने या फर्जी केस निपटाने के लिए पैसे ट्रांसफर करने से बचें। अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें।













