Haryana Bribery Case: Woman sub-inspector caught taking Rs 60,000: हरियाणा रिश्वत कांड (Haryana Bribery Case) ने सोनीपत में सनसनी मचा दी है। सिविल लाइन थाने की महिला सब इंस्पेक्टर मंजू को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 60 हजार रुपये की रिश्वत (Bribe) लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
मंजू ने एक रेप केस की FIR रद्द करने के लिए एक लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता की सूचना पर ACB ने जाल बिछाकर उसे पकड़ा। यह घटना पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। आइए, इस मामले की पूरी जानकारी जानते हैं।
रिश्वत के लिए दबाव और ACB की कार्रवाई Haryana Bribery Case
सोनीपत के सिविल लाइन थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मंजू पर रेप केस (Rape Case) की FIR रद्द करने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता अंकित ने बताया कि मंजू ने उससे एक लाख रुपये की मांग की थी। पहले उसने 40 हजार रुपये दे दिए, लेकिन मंजू ने और 60 हजार रुपये मांगे।
परेशान होकर अंकित ने रोहतक ACB को शिकायत की। ACB ने 28 जून 2025 को सिविल लाइन थाने में जाल बिछाया और मंजू को 60 हजार रुपये लेते पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज हुआ।
मामले की पृष्ठभूमि और जमीनी रंजिश
यह मामला जुआ गांव के नरेश और माहरा गांव के अंकित के बीच पुरानी रंजिश से जुड़ा है। नरेश ने अंकित के खिलाफ 2023 में रोहतक में रेप की जीरो FIR दर्ज कराई थी, जो बाद में सोनीपत के सिविल लाइन थाने में ट्रांसफर हुई। मंजू ने इसकी जांच की और पाया कि मामला झूठा था।
इसके बावजूद, उसने थाना प्रभारी को सूचित किए बिना अंकित से रिश्वत (Bribery) मांगकर उसका फायदा उठाने की कोशिश की। ACB की पारदर्शी कार्रवाई (Transparent Action) में गवाहों की मौजूदगी में मंजू को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल
इस हरियाणा रिश्वत कांड (Haryana Bribery Case) ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ACB इंस्पेक्टर सचिव ने बताया कि मंजू से पूछताछ (Interrogation) जारी है और उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह घटना दिखाती है कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
आम लोगों से अपील है कि वे ऐसी घटनाओं की शिकायत बिना डर के ACB से करें। यह मामला समाज में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का एक मौका भी है।











