Hisar Illegal Recovery: Hisar illegal recovery: Jitendra Sheoran in jail, new revelations in bribery case: हिसार अवैध वसूली (Hisar Illegal Recovery): हरियाणा के हिसार में तमस बार एंड रेस्टोरेंट के मालिक से 8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले ने सनसनी मचा दी है।
हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया और दो दिन के रिमांड के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। जांच में कई और नामों का खुलासा हुआ है, जो इस मामले को और गंभीर बना रहा है। यह घटना हिसार में अवैध वसूली के गहरे जाल को उजागर करती है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानें।
रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया Hisar Illegal Recovery
10 जून की रात हिसार के सेक्टर 9-11 में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। तमस बार के मालिक साहिल ने शिकायत की थी कि जितेंद्र श्योराण उनसे 8 लाख रुपये की अवैध वसूली मांग रहे हैं (Bribery Case). साहिल ने रुपये का बैग श्योराण के घर पहुंचाया।
कुछ ही देर बाद अर्बन एसटेट थाना और स्पेशल स्टाफ की टीम ने श्योराण के कार्यालय पर छापा मारा। वहां मेज पर रखे रुपये बरामद हुए। पुलिस ने श्योराण और उनके साथी प्रॉपर्टी डीलर राजबीर को मौके पर गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया।
जेल और जांच में नए मोड़
गिरफ्तारी के बाद श्योराण और राजबीर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के बाद श्योराण को दोबारा दो दिन के लिए रिमांड पर भेजा गया।
रविवार को अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया (Judicial Custody). राजबीर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की जांच में कई और नाम सामने आए हैं, जो इस अवैध वसूली के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन नामों की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस रैकेट का पूरी तरह पर्दाफाश हो सके।
हिसार में बढ़ता भ्रष्टाचार का साया
यह मामला हिसार में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को उजागर करता है। तमस बार मालिक साहिल की शिकायत ने एक बड़े रैकेट की ओर इशारा किया है (Corruption Scandal). जितेंद्र श्योराण जैसे प्रभावशाली लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल हों, यह चिंता का विषय है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में भरोसा जगा है, लेकिन यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसे कितने और मामले अभी सामने नहीं आए। यह घटना समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और पारदर्शिता जरूरी है।










