Palwal sarpanch scam: Sarpanch defrauded Rs 1.85 crore, accused remained absconding for 4 years after destroying records: पलवल सरपंच घोटाला (Palwal sarpanch scam) ने हरियाणा के हथीन क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। खाइका गांव के सरपंच इकबाल को 1.85 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
चार साल तक फरार रहने के बाद, इकबाल ने रिमांड के दौरान कबूल किया कि उसने पंचायत रिकॉर्ड नष्ट (Panchayat record destroyed) कर दिया था ताकि सबूत मिटाए जा सकें। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसे को हिलाकर रख दिया है। आइए, इस घोटाले की पूरी कहानी जानें।
खाइका गांव में घोटाले का खुलासा Palwal sarpanch scam
खाइका ग्राम पंचायत में विकास कार्यों (Village development funds) के लिए 2.44 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई थी। लेकिन जांच में पता चला कि सरपंच इकबाल ने केवल 59.57 लाख रुपये ही विकास कार्यों में खर्च किए। बाकी 1.85 करोड़ रुपये का गबन (Embezzlement Haryana) कर लिया गया।
जिला प्रशासन ने विकास कार्यों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई, जिसने इस घोटाले का पर्दाफाश किया। इकबाल ने सबूत छिपाने के लिए पंचायत का रिकॉर्ड नष्ट कर दिया और 2021 से फरार था। इस मामले ने ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और रिमांड का खुलासा
पलवल पुलिस ने लंबी तलाश के बाद सरपंच इकबाल को गिरफ्तार (Sarpanch arrested Palwal) कर लिया। डीएसपी मोहिंदर सिंह ने बताया कि इकबाल को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान इकबाल ने स्वीकार किया कि उसने पंचायत रिकॉर्ड नष्ट (Panchayat record destroyed) किया था।
डीएसपी ने यह भी खुलासा किया कि इकबाल की पत्नी और पूर्व सरपंच वनिशा भी इस घोटाले में शामिल हैं। पुलिस जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की योजना बना रही है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश
पलवल सरपंच घोटाला (Palwal sarpanch scam) ने स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए दी गई राशि का दुरुपयोग उनके गांव की प्रगति को रोक रहा है।
इस मामले ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान (Anti-corruption Haryana) को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। पुलिस और प्रशासन अब इस तरह के मामलों पर नजर रख रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना हरियाणा के लोगों के लिए एक चेतावनी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।










