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Chaitra Navratri 2025 ki Ashtami kab hai: चैत्र नवरात्रि अष्टमी 5 या 6 अप्रैल को, कौन सी है सही तारीख? खत्म करें सारी उलझन

Chaitra Navratri 2025 ki Ashtami kab hai: चैत्र नवरात्रि अष्टमी 5 या 6 अप्रैल को, कौन सी है सही तारीख? खत्म करें सारी उलझन
Chaitra navratri ashtami 2025 date: चैत्र नवरात्रि अष्टमी 2025: 5 या 6 अप्रैल? कन्फ्यूजन खत्म! तिथि 4 अप्रैल रात 8:12 से 5 अप्रैल शाम 7:26 तक। उदया तिथि से 5 अप्रैल को मां महागौरी पूजा और कन्या पूजन। शुभ मुहूर्त सुबह 6 से दोपहर 12:49 तक। 
Chaitra Navratri ki Ashtami kab hai 2025 mein: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने वाला है, लेकिन इस बार अष्टमी की तारीख को लेकर लोगों के मन में उलझन बनी हुई है। कोई कह रहा है 5 अप्रैल, तो कोई 6 अप्रैल की बात कर रहा है। आखिर सही डेट क्या है? इस बार नवरात्रि में एक दिन कम होने की वजह से यह कन्फ्यूजन पैदा हुआ है। अगर आप भी सोच में पड़ गए हैं कि मां दुर्गा की अष्टमी पूजा कब करनी है, तो चलिए इस सवाल का जवाब आसान भाषा में ढूंढते हैं। यह जानकारी आपके लिए खास तौर पर तैयार की गई है, ताकि आप सही समय पर पूजा और कन्या पूजन की तैयारी कर सकें।

Chaitra Navratri 2025 ki Ashtami kab hai: अष्टमी की सही तारीख क्या है?

इस साल चैत्र नवरात्रि में एक खास बदलाव देखने को मिला है। दूसरा और तीसरा नवरात्र एक ही दिन, यानी 31 मार्च को पड़ गए हैं, जिसके चलते नवरात्रि 9 की जगह 8 दिन की होगी। अब बात अष्टमी की। अगर हम दिन गिनें, तो नवरात्रि का आठवां दिन 6 अप्रैल को आता है। लेकिन हिंदू पंचांग की तिथि के हिसाब से देखें, तो अष्टमी 4 अप्रैल की रात 8:12 बजे से शुरू होगी और 5 अप्रैल को शाम 7:26 बजे खत्म होगी। उदया तिथि के नियम के मुताबिक, अष्टमी 5 अप्रैल को ही मनाई जाएगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा होगी, जो भक्तों को शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त

5 अप्रैल 2025, शनिवार को अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन पूजा के लिए सबसे शुभ समय सुबह 6 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा। यह मुहूर्त मां की आराधना और कन्या पूजन के लिए बिल्कुल सही है। अगर आप इस समय पूजा कर पाएं, तो मां का आशीर्वाद कई गुना बढ़ सकता है। यह जानकारी मोबाइल यूजर्स के लिए भी तेजी से लोड होने वाली और आसान बनाई गई है, ताकि आप कहीं भी हों, अपनी तैयारी में जुट जाएं।

कन्या पूजन का खास महत्व

नवरात्रि की अष्टमी का दिन कन्या पूजन के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन से हर दुख दूर होता है। कई लोग इसी दिन अपना व्रत भी खोलते हैं। अगर आप भी इस परंपरा को निभाना चाहते हैं, तो 5 अप्रैल को सुबह से तैयारी शुरू कर दें। यह दिन भक्ति और आस्था का संगम है, जो आपके परिवार को जोड़ेगा।

कन्फ्यूजन खत्म, तैयारी शुरू

अब जब अष्टमी की सही तारीख और मुहूर्त साफ हो गए हैं, तो बिना देर किए अपनी योजना बनाएं। 5 अप्रैल को मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन के साथ इस नवरात्रि को यादगार बनाएं। यह लेख आपके लिए इसलिए लिखा गया है ताकि आप सही जानकारी के साथ उत्सव का पूरा आनंद ले सकें। तो तैयार हो जाइए, मां का आशीर्वाद लेने का यह मौका न चूकें। 

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