Amitabh Bachchan poem on pahalgam terror attack opertion sindoor: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए दिल दहलाने वाले आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए करारा जवाब दिया।
इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने 19 दिन की चुप्पी तोड़ते हुए एक मार्मिक कविता के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उनकी यह कविता न केवल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को सलाम करती है, बल्कि भारतीय सेना के साहस को भी श्रद्धांजलि देती है। आइए, इस घटना और अमिताभ के संदेश को विस्तार से समझें।
Amitabh Bachchan की चुप्पी और कविता
पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर जहां बॉलीवुड के कई सितारों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, वहीं अमिताभ बच्चन ने शुरू में चुप्पी साधे रखी। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खाली पोस्ट शेयर करते रहे। लेकिन 19 दिन बाद, उन्होंने एक भावुक और शक्तिशाली कविता (Amitabh Bachchan poem) के जरिए अपनी बात रखी।
उन्होंने लिखा कि आतंकियों ने एक निर्दोष दंपति को निशाना बनाया, पति को नग्न कर उसकी हत्या कर दी, और पत्नी की मिन्नतों के बावजूद उसे विधवा बना दिया। अमिताभ ने इस क्रूरता को बयां करते हुए लिखा, “जब पत्नी ने कहा मुझे भी मार दो, तो राक्षस ने कहा, नहीं! जा, बता सबको।”
कविता में हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियां
अमिताभ ने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए लिखा, “है चिता की राख कर में, माँगती सिंदूर दुनिया।” इसके जवाब में उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत का करारा जवाब बताया। उन्होंने भारतीय सेना की प्रशंसा में लिखा, “जय हिन्द, जय हिन्द की सेना! तू ना थमेगा कभी, तू ना मुड़ेगा कभी, तू ना झुकेगा कभी। कर शपथ, अग्निपथ!” उनकी यह कविता हर भारतीय के दिल को छू गई और सेना के प्रति सम्मान को और गहरा कर गई।
पहलगाम हमला: एक दर्दनाक त्रासदी
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाया और 26 मासूमों की जान ले ली। इस हमले ने देश के हर कोने में गुस्सा और दुख की लहर दौड़ा दी। इस घटना ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत को रेखांकित किया।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत का करारा जवाब
पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। 7 मई को शुरू हुए इस ऑपरेशन ने आतंकियों को सबक सिखाया और देश की सुरक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को दिखाया। इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल देशवासियों का गर्व बढ़ाया, बल्कि दुश्मनों को भी साफ संदेश दिया कि भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
देश के लिए एक संदेश
अमिताभ की कविता केवल एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि देशवासियों के लिए एक प्रेरणा है। यह हमें याद दिलाती है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें एकजुट रहना होगा। उनकी कविता भारतीय सेना के बलिदान और साहस को सलाम करती है, जो हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तत्पर रहती है।













