टेक इंडस्ट्री में तेजी से पैर पसार रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बीच अपनी नौकरी और करियर को लेकर हर कोई फिक्रमंद है। इंसानों द्वारा किए जाने वाले रूटीन काम अब कंप्यूटर सॉफ्टवेयर चुटकियों में निपटा रहे हैं। इस बदलते माहौल के बीच ‘GoHumanize’ ने जून 2026 की एक नई स्टडी जारी की है, जिसने नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है। इस रिसर्च में कुल 60 प्रोफेशनल स्किल्स का गहराई से विश्लेषण किया गया है। स्टडी के नतीजे बताते हैं कि कुछ खास मानवीय क्षमताओं को पूरी तरह बदलना AI के लिए आने वाले समय में भी बेहद कठिन रहने वाला है।
लीडरशिप बनी AI के लिए सबसे बड़ी चुनौती
इस रिसर्च रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि लीडरशिप एक ऐसी योग्यता है जिसे कोई भी मशीन रिप्लेस नहीं कर सकती। डेटा के मुताबिक एआई किसी कंपनी के सीईओ या बड़े लीडर के कामकाज का महज 31 प्रतिशत हिस्सा ही संभाल सकता है। एक कुशल लीडर का काम सिर्फ दफ्तर के रोजमर्रा के फैसले लेना नहीं होता। किसी भी गंभीर परिस्थिति को भांपना, अपनी टीम के भीतर नया जोश भरना और संकट के वक्त सही रास्ता चुनना सिर्फ इंसानी दिमाग और तजुर्बे से ही संभव है। यही वजह है कि कॉर्पोरेट जगत में लीडर्स की भूमिका पर कोई आंच नहीं आने वाली।
टीमवर्क और आपसी तालमेल की मांग रहेगी बरकरार
गो-ह्यूमानाइज की सूची में दूसरे नंबर पर ‘कोलाबोरेशन’ और ‘टीमवर्क’ को रखा गया है। मौजूदा वक्त में दुनिया भर की कंपनियों को ऐसे कर्मचारियों की सबसे ज्यादा जरूरत है जो पूरी टीम के साथ मिलकर काम कर सकें। इस स्टडी के दौरान करीब 40 लाख जॉब लिस्टिंग्स को खंगाला गया, जिनमें टीमवर्क को एक जरूरी योग्यता के तौर पर मांगा गया था। इंसानों के बीच आपसी संबंध बनाना, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना और टीम के भीतर भरोसे का माहौल तैयार करना ऐसी चीजें हैं, जहां एआई के सिस्टम पूरी तरह फेल साबित होते हैं। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: WhatsApp Web पर आया ग्रुप वीडियो कॉल का नया फीचर, स्क्रीन शेयर करने के साथ मिलेगा वेटिंग रूम का सपोर्ट
बातचीत और समझौते की कला में इंसान ही बॉस
बिजनेस डील पक्की करने के लिए ‘नेगोशिएशन’ यानी प्रभावी बातचीत की कला सबसे अहम हथियार है। एआई किसी भी बड़ी डील के लिए डेटा जुटा सकता है, बाजार का विश्लेषण कर सकता है, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा इंसानी सूझबूझ पर ही टिकता है। सामने वाले का मनोविज्ञान समझना और बातचीत को सही दिशा में मोड़ना पूरी तरह से इंसानी क्षमता का हिस्सा है। इसी वजह से मार्केट की करीब 28 लाख जॉब वैकेंसी में नेगोशिएशन की स्किल रखने वाले प्रोफेशनल्स की भारी मांग देखी गई है।
मेंटरिंग और पब्लिक स्पीकिंग में मशीनों की एंट्री मुश्किल
शिक्षा, ह्यूमन रिसोर्स (HR) और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में कोचिंग और मेंटरिंग की भूमिका सबसे बड़ी होती है। किसी भी व्यक्ति के बर्ताव और उसकी मानसिक स्थिति को समझकर उसे सही सलाह देना एआई के लिए संभव नहीं है। इसके साथ ही लिस्ट में पांचवें स्थान पर मौजूद ‘पब्लिक स्पीकिंग’ भी पूरी तरह से सुरक्षित है। मंच पर खड़े होकर बोलना सिर्फ जानकारी साझा करना नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास से सामने बैठी जनता को प्रभावित करना है। लाइव बातचीत के दौरान लोगों के चेहरों के हाव-भाव देखकर अपनी बात को ढालना सिर्फ इंसान ही कर सकते हैं।
डेटा एनालिसिस जैसी तकनीकी नौकरियों पर बढ़ेगा दबाव
इस स्टडी का एक दूसरा पहलू यह भी है कि डेटा एनालिसिस जैसी स्किल्स पर एआई का असर बहुत तेजी से बढ़ेगा। कंपनियां आज भी डेटा एनालिस्ट्स की तलाश में हैं, लेकिन यह काम पूरी तरह से तय नियमों, कोडिंग और पुराने पैटर्न्स पर आधारित होता है। नियमों पर चलने के कारण एआई इन काम को बहुत आसानी से सीख रहा है। गो-ह्यूमानाइज ने इन सभी योग्यताओं को चार प्रमुख पैमानों पर परखा है, जिनमें नियोक्ताओं की जरूरत, जॉब लिस्टिंग में डिमांड, ऑटोमेशन की संभावना और मानवीय गुण (जैसे भावनाएं, नैतिकता और निर्णय क्षमता) शामिल हैं। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: Sawariya Seth Shayari: सांवरिया सेठ शायरी: वो जादुई शब्द जो बदल दें दिल का हाल!
भविष्य के जॉब मार्केट के लिए बदलनी होगी तैयारी
रिसर्च के अंत में यह सलाह दी गई है कि अब हमारे स्कूल-कॉलेजों के ट्रेनिंग सिस्टम को नए सिरे से तैयार करने का वक्त आ चुका है। जो पढ़ाई या कोर्स केवल तय नियमों और पुराने फॉर्मूलों पर आधारित हैं, उन्हें एआई बहुत जल्द अपने नियंत्रण में ले लेगा। इसके विपरीत, इंसानी जुड़ाव, लीडरशिप, भावनात्मक समझ (Emotional Intelligence) और परिस्थितियों के अनुसार मौके पर फैसला लेने की क्षमता वाले युवाओं का करियर लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा। आने वाला भविष्य इंसान और मशीन के आपसी तालमेल का है, जहां एआई सिर्फ काम को आसान बनाएगा, लेकिन कमान हमेशा इंसान के हाथ में ही रहेगी। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: Anniversary Wishes For Bua And Fufa Ji In Hindi: बुआ और फूफा जी को मैरिज एनिवर्सरी पर भेजें विशेज और कहें शादी की सालगिरह मुबारक हो













