Ritu Sheoran Asian Games Gold Medalist : चरखी दादरी जिले के गांव बिलावल में एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ी रीतू श्योराण के सम्मान में भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान में आयोजित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने गांव पहुंचकर रीतू श्योराण को पारंपरिक पगड़ी और नोटों की माला पहनाकर सम्मानित किया।
समारोह में जिले के होनहार कबड्डी खिलाड़ी सुमित सांगवान (Sumit Sangwan Kabaddi) को भी खेल उपलब्धियों के लिए विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर भारतीय महिला और पुरुष कबड्डी टीमों के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अर्जुन अवॉर्डी और द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच मौजूद रहे। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ अपनी बहू का जोरदार स्वागत किया।
टीम में हरियाणा का दबदबा
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार (Krishan Lal Panwar) ने बताया कि भारतीय महिला कबड्डी टीम ने लगातार पांचवीं बार एशियन गेम्स का खिताब जीतकर नया कीर्तिमान बनाया है। जापान में आयोजित इस चैंपियनशिप में महिला टीम की 12 खिलाड़ियों में से 6 बेटियां अकेले हरियाणा से थीं। वहीं पुरुष कबड्डी टीम के 12 सदस्यों में से 8 खिलाड़ी हरियाणा की मिट्टी से निकले हैं।
पंवार ने कहा कि देश के कुल पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही है। यह आंकड़ा साबित करता है कि राज्य के युवा अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने दादरी के पहलवान सुजीत कलकल को भी स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी।
पदक लाओ, पद पाओ नीति
समारोह में मंत्री ने हरियाणा सरकार की खेल नीति ‘पदक लाओ, पद पाओ’ (Padak Lao Pad Pao) को पूरे देश के लिए सबसे बेहतरीन मॉडल करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों की मेहनत का पूरा मान-सम्मान कर रही है। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
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ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता को 7 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 2.5 करोड़ रुपये (Haryana Sports Policy Cash Award) के साथ क्लास-1 सरकारी नौकरी का सीधा प्रावधान है। ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें तराशने के लिए राज्य भर में 2,000 से अधिक आधुनिक खेल नर्सरियां शुरू की गई हैं।
ओलंपिक स्वर्ण पर नजर
गोल्ड मेडलिस्ट रीतू श्योराण (Ritu Sheoran Kabaddi Player) ने अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन को दिया। उन्होंने कहा कि फेडरेशन और कोच की बनाई सटीक रणनीति पर मैदान में उतरने से यह बड़ी जीत हासिल हुई है।
रीतू ने बताया कि कबड्डी को कॉमनवेल्थ और ओलंपिक खेलों में शामिल कराने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं। उनका अगला बड़ा लक्ष्य 2030 के वैश्विक आयोजनों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने युवा बेटियों से कहा कि वे खेल चुनें या पढ़ाई, जिस भी राह पर कदम बढ़ाएं उसमें अपना शत-प्रतिशत समर्पण दें। #AsianGames #Kabaddi #HaryanaSports










