Jaat Sunny Deol movie North America box office news: सनी देओल की ताजा रिलीज ‘जाट’ ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रखा है, लेकिन नॉर्थ अमेरिका में इसकी हवा निकलती दिख रही है। जहां देश में फैंस इस एक्शन से भरपूर फिल्म की तारीफ कर रहे हैं, वहीं विदेशी खरीददारों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। आइए, इस कहानी के पीछे की सच्चाई को समझते हैं।
भारत में Jaat की जोरदार पारी
‘गदर 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद सनी देओल की ‘जाट’ से भी फैंस को बड़ी उम्मीदें थीं। फिल्म ने इन उम्मीदों को निराश नहीं किया। चार दिनों में ‘जाट’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 47.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया। सनी पाजी का दमदार अभिनय, कहानी का जोश, और एक्शन का तड़का—हर चीज ने दर्शकों का दिल जीत लिया। लेकिन जैसे ही नजर विदेशी बाजारों की ओर जाती है, तस्वीर बदल जाती है। खासकर नॉर्थ अमेरिका में ‘जाट’ की कमाई उम्मीदों से कोसों दूर रही।
नॉर्थ अमेरिका में क्यों नहीं चली जाट?
नॉर्थ अमेरिका में ‘जाट’ ने चार दिनों में सिर्फ 3,38,751 अमेरिकी डॉलर कमाए। पांचवें दिन की कमाई तो और भी निराशाजनक रही महज 28,631 डॉलर। कुल मिलाकर, फिल्म ने वहां 3,67,382 डॉलर जोड़े। लेकिन समस्या यह है कि नॉर्थ अमेरिकी खरीददारों ने ‘जाट’ को 1.5 मिलियन डॉलर की न्यूनतम गारंटी पर खरीदा था। मौजूदा कमाई को देखते हुए यह आंकड़ा हासिल करना नामुमकिन लग रहा है। ट्रेड विशेषज्ञों का अनुमान है कि खरीददारों को 60-65% तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। ‘गदर 2’ की शानदार कमाई को देखकर खरीददारों ने ‘जाट’ पर बड़ा दांव लगाया था, लेकिन फिल्म वह जादू नहीं चला पाई।
सनी देओल की अगली फिल्मों पर असर?
‘जाट’ की विदेशी कमाई की यह कमजोरी सनी देओल की आगामी फिल्मों के लिए भी चिंता का सबब बन सकती है। उनकी अगली बड़ी परियोजनाएं ‘लाहौर 1947’ और ‘बॉर्डर 2’—इंडस्ट्री में पहले से ही चर्चा में हैं। लेकिन ‘जाट’ की नॉर्थ अमेरिकी नाकामी ने मेकर्स को सतर्क कर दिया है। अगर इन फिल्मों को भी विदेशों में वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला, तो मेकर्स को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, भारत में सनी देओल का स्टारडम और फैन बेस अभी भी मजबूत है, जो उनकी फिल्मों को हिट बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
क्या है नुकसान की वजह?
नॉर्थ अमेरिका में ‘जाट’ की कमजोर कमाई के पीछे कई कारण हो सकते हैं। वहां के दर्शकों की पसंद और भारतीय मसाला फिल्मों का स्टाइल हमेशा मेल नहीं खाता। इसके अलावा, मार्केटिंग और प्रचार में कमी भी एक वजह हो सकती है। ‘गदर 2’ ने अपनी देशभक्ति और भावनात्मक कहानी से विदेशों में भी छाप छोड़ी थी, लेकिन ‘जाट’ शायद उस स्तर का कनेक्शन नहीं बना पाई। फिर भी, भारत में फिल्म की सफलता सनी देओल की लोकप्रियता को और मजबूत करती है।
आगे क्या?
‘जाट’ की यह कहानी हमें बताती है कि बॉक्स ऑफिस पर सफलता की राह हमेशा आसान नहीं होती। भारत में भले ही सनी देओल का जादू बरकरार है, लेकिन विदेशी बाजारों में उनकी फिल्मों को और मेहनत की जरूरत है। मेकर्स को अब नई रणनीतियों के साथ विदेशी दर्शकों को लुभाना होगा, ताकि ‘लाहौर 1947’ और ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्में ग्लोबल मार्केट में भी धमाल मचा सकें। फिलहाल, इंदौर से अमेरिका तक सनी पाजी के फैंस उनकी अगली पारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।













