नई दिल्ली. बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान एक बार फिर कानूनी सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार मामला किसी फिल्म की शूटिंग या विवाद का नहीं बल्कि उनकी अपनी पहचान और आवाज के अधिकारों का है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान को नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस एक चीनी एआई वॉयस जनरेशन प्लेटफॉर्म की याचिका पर भेजा गया है। दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में सलमान खान की आवाज और चेहरे के इस्तेमाल को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है।
चीनी कंपनी ने क्यों दी चुनौती
मामला काफी दिलचस्प हो गया है। कुछ समय पहले सलमान खान ने अपनी छवि और व्यक्तित्व की सुरक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद 11 दिसंबर को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए आदेश दिया था कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनकी आवाज या नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
अब चीन के एक एआई प्लेटफॉर्म ने इस आदेश को चुनौती दी है। कंपनी ने कोर्ट से 11 दिसंबर के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।
क्या होते हैं पर्सनैलिटी राइट्स
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार पर्सनैलिटी राइट्स का मतलब है कि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम फोटो आवाज या हस्ताक्षर का उपयोग कमर्शियल फायदे के लिए उनकी इजाजत के बिना नहीं किया जा सकता।
आज के डिजिटल दौर में जहां डीपफेक और एआई वॉयस क्लोनिंग का खतरा बढ़ गया है वहां सेलिब्रिटीज अपने अधिकारों को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं। सलमान खान से पहले अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर भी अपने पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षित करवा चुके हैं।
बैटल ऑफ गलवान पर टिकी हैं निगाहें
कानूनी लड़ाई के बीच सलमान खान अपने वर्कफ्रंट को लेकर भी चर्चा में हैं। उनकी पिछली फिल्म सिकंदर बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी जिससे फैंस थोड़े निराश थे। लेकिन अब सबकी उम्मीदें उनकी आगामी फिल्म बैटल ऑफ गलवान पर टिकी हैं।
यह फिल्म साल 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प पर आधारित एक वॉर ड्रामा है। इसमें सलमान खान भारतीय सेना के वीर अधिकारी कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभाते नजर आएंगे। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फैंस को उम्मीद है कि वर्दी में सलमान खान एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाएंगे।
एआई बनाम निजता की लड़ाई
यह केस अब केवल सलमान खान तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह तकनीक और निजता के अधिकार के बीच की एक बड़ी बहस बन गया है। अगर एआई कंपनियां सेलिब्रिटीज की आवाज का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हो जाती हैं तो इससे कई तरह के फ्रॉड और भ्रामक विज्ञापन बढ़ने का खतरा हो सकता है। अब देखना होगा कि 27 फरवरी को कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाता है।













