Samay Raina Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को निर्देश दिया कि वे दिव्यांगों के सम्मान और सहायता के लिए स्पेशल शो आयोजित करें. अदालत चाहती है कि उनकी लोकप्रियता सकारात्मक बदलाव लाए. फोकस कीवर्ड समय रैना विवाद.
कॉमेडियन समय रैना पर चल रहे मामले की गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया. कोर्ट ने समय रैना सहित तीन अन्य कॉमेडियनों को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक स्पेशल शो आयोजित करने का निर्देश दिया.
यह आदेश क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें आरोप था कि कुछ कॉमेडियनों ने दिव्यांग लोगों के बारे में असंवेदनशील टिप्पणियां की हैं.
समय रैना को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के निर्देश
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि कॉमेडियंस अपने शो और ऑनलाइन कार्यक्रमों में उन दिव्यांग व्यक्तियों को मंच दें, जिन्होंने संघर्ष के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं. अदालत ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम इन लोगों के इलाज और सहायता के लिए धन जुटाने में भी मदद कर सकते हैं.
लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज की भलाई के लिए करें
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट किसी पर दंड का बोझ नहीं डाल रही, बल्कि उन्हें एक सामाजिक जिम्मेदारी सौंप रही है. उन्होंने कहा कि जो लोग प्रभावशाली और लोकप्रिय हैं, उन्हें अपनी लोकप्रियता समाज की भलाई के लिए भी इस्तेमाल करनी चाहिए. कोर्ट ने उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई से पहले ऐसे कुछ सार्थक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
क्या है पूरा मामला
समय रैना ने अपने एक स्टैंडअप शो में स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी से पीड़ित लोगों को लेकर चुटकुला कहा था, जिसके बाद उनके खिलाफ आपत्तियां उठीं. यह बीमारी एक अनुवांशिक विकार है, जो मांसपेशियों में कमजोरी और क्षय का कारण बनती है.
मामले में क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से उपस्थित वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि रैना की टिप्पणी ने प्रभावित बच्चों का अपमान किया है. उन्होंने बताया कि ये बच्चे बेहद प्रतिभाशाली हैं और जब सार्वजनिक मंच पर ऐसी टिप्पणियां की जाती हैं तो क्राउडफंडिंग में भी दिक्कत आती है.













