Anshika won the gold medal, Punch of Haryana’s daughter Anshika: Gold medal in Jordan, brings glory to Charkhi Dadri: हरियाणा की मिट्टी एक बार फिर अपनी बेटी की उपलब्धि से गौरवान्वित है। चरखी दादरी की युवा मुक्केबाज अंशिका ने जॉर्डन में आयोजित U-17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम ऊंचा किया।
मात्र 1 मिनट 36 सेकंड में मेजबान जॉर्डन की खिलाड़ी को हराकर उन्होंने इतिहास रच दिया। आइए, अंशिका की इस प्रेरक कहानी को करीब से जानते हैं।
अंशिका के पंच ने जीता गोल्ड Anshika won the gold medal
जॉर्डन में हुई U-17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 80+ किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली अंशिका ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने एक के बाद एक मुकाबले जीते और फाइनल में मेजबान जॉर्डन की खिलाड़ी अललनवेश जाना के खिलाफ रिंग में उतरीं।
अंशिका ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपने तेज पंचों से प्रतिद्वंद्वी को रिंग में टिकने नहीं दिया। मात्र 1 मिनट 36 सेकंड में उन्होंने अललनवेश को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। उनकी इस जीत ने न केवल भारत, बल्कि हरियाणा और चरखी दादरी को गर्व का मौका दिया।
परिवार और गांव में खुशी का माहौल
अंशिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार और चरखी दादरी में उत्साह का माहौल है। उनके पिता रमेश कुमार कहते हैं, “अंशिका ने दिन-रात मेहनत की और हमारा सपना पूरा किया।
आज हमें अपनी बेटी पर गर्व है।” स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने कहा, “अंशिका की जीत ने हमारे गांव का नाम रोशन किया। यह बेटियों के लिए प्रेरणा है।” अंशिका का स्वागत ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ करने की तैयारियां चल रही हैं।
कोच और एकेडमी का योगदान
अंशिका ने अपनी ट्रेनिंग चरखी दादरी के कलियाणा रोड सेक्टर-8 में स्थित श्योनाथ नंबरदार बॉक्सिंग एकेडमी में पूरी की। उनके मुख्य कोच कप्तान सिंह ने उनकी जीत पर बधाई देते हुए कहा, “अंशिका की मेहनत और अनुशासन ने यह मुकाम हासिल किया।
उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और भारतीय बॉक्सिंग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।” कोच ने यह भी बताया कि अंशिका की तकनीक और आत्मविश्वास ने उन्हें टूर्नामेंट में सबसे मजबूत खिलाड़ी बनाया।
युवाओं के लिए प्रेरणा
अंशिका की इस जीत को खेल विशेषज्ञों ने भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। खेल विश्लेषक डॉ. प्रीति शर्मा कहती हैं, “अंशिका जैसे युवा खिलाड़ी साबित करते हैं कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे हो सकते हैं।
उनकी जीत हरियाणा की बेटियों के लिए एक मिसाल है।” यह उपलब्धि न केवल अंशिका की मेहनत को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और समर्पण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
अंशिका का संदेश और भविष्य
अंशिका ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, परिवार, और दोस्तों को दिया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से कहा, “मेहनत और धैर्य से हर सपना पूरा हो सकता है।
बस अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें।” अंशिका अब भविष्य में और बड़े टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही हैं। उनके कोच का मानना है कि वह जल्द ही ओलंपिक जैसे मंच पर देश के लिए पदक लाएंगी।
प्रशंसकों के लिए सलाह
अंशिका की जीत से प्रेरित होकर अगर आप या आपके बच्चे बॉक्सिंग में रुचि रखते हैं, तो स्थानीय बॉक्सिंग एकेडमी से संपर्क करें। हरियाणा में कई ऐसी एकेडमियां हैं, जो युवाओं को प्रशिक्षण देती हैं। अंशिका के स्वागत समारोह की जानकारी के लिए स्थानीय समाचारों पर नजर रखें।
अंशिका की यह उपलब्धि हरियाणा की बेटियों के लिए एक प्रेरणा है। उनकी मेहनत और जज्बा साबित करता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। चरखी दादरी की इस बेटी ने जॉर्डन में तिरंगा लहराकर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।











