Bhiwani News Vyomika Singh showed India’s strength to the world: जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया, उसके बाद पूरी दुनिया की निगाहें उस प्रेस ब्रीफिंग पर थीं जिसमे मंच पर कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ थी आकाश की बेटी’ व्योमिका सिंह।
भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पूरे आत्मविश्वास के साथ ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी साझा की। व्योमिका सिंह सिर्फ वायुसेना की अधिकारी ही नहीं, बल्कि हरियाणा के भिवानी जिले के गांव बापोड़ा की बहू भी हैं। उनका विवाह बापोडा निवासी एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत दिनेश संभ्रवाल से हुआ है। यह वही गांव है जहां से भारत के पूर्व थलसेना अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रहे जनरल वीके सिंह भी आते हैं।
Bhiwani News: विंग कमांडर व्योमिका सिंह का भिवानी से संबंध
व्योमिका का ससुराल परिवार देश सेवा में अग्रणी रहा है। संभ्रवाल परिवार के 10 से अधिक सदस्य सेना में सेवा दे चुके हैं। उनके भतीजे एडवोकेट रामअवतार संभ्रवाल ने बताया कि व्योमिका सिंह के पति दिनेश सभ्रवाल एयर फ़ोर्स में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत है। व्योमिका सिंह के ससुर एवं दिनेश के पिता प्रेम संभ्रवाल एक्साइज कमिश्नर के पद से सेवानिवृत है और सामाजिक व्यक्ति है।
व्योमिका सिंह, उनके पति दिनेश संभ्रवाल, ससुर प्रेम सभ्रवाल परिवार में शादी समारोह के दौरान गांव बापोड़ा आते रहते हैं। व्योमिका सिंह का देवर विकास संभ्रवाल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में राजनीतिक विज्ञान विभाग के एचओडी है। व्योमिका व दिनेश सभ्रवाल की मुलाकात पढ़ाई के दौरान दिल्ली में हुई थी। उनके ससुर प्रेम संभ्रवाल एक्साइज विभाग से सेवानिवृत्त हैं, और गांव के एक प्रतिष्ठित सामाजिक व्यक्तित्व हैं। उनके देवर विकास संभ्रवाल, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष हैं।
बापोड़ा गांव से हैं जनरल वीके सिंह
ख़ास बात यह है कि बापोड़ा गांव पूरे हरियाणा में उस समय भी चर्चा में आया था जब जनरल वीके सिंह देश की थल सेना के प्रमुख बने थे। गांव के लोगों का कहना है कि उनके लिए ये गर्व की बात है कि उनके गांव की बहु पूरे देश की बेटियों के लिए नजीर बनी है। भले ही उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ हो, लेकिन व्योमिका अब हरियाणा की बहू ही नहीं, देश की शान बन चुकी हैं। शादी के बाद उन्होंने हरियाणा के ग्रामीण परिवेश को अपनाया और आज जब वे मंच पर देश की ओर से बोलती हैं, तो हर हरियाणवी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
2004 में वायुसेना में कमीशन पाने वाली व्योमिका ने 2017 में विंग कमांडर पद हासिल किया और 2019 में स्थायी कमीशन प्राप्त किया। वे चेतक और चीता हेलीकॉप्टरों की माहिर पायलट हैं और 18,000 फीट तक की दुर्गम उड़ानें भर चुकी हैं।
उनकी वीरता और विशेषज्ञता के लिए उन्हें वायुसेना प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा-पत्र और सम्मान मिल चुके हैं। वे ऊंचाई वाले बचाव अभियानों, धीरज मिशनों और त्रि-सेवा महिला पर्वतारोहण अभियान (माउंट मणिरंग – 21,650 फीट) में भी हिस्सा ले चुकी हैं।













