Dearness allowance increased in Haryana Dearness allowance increased by 2%, arrears will be received: हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई सौगात लेकर आई है। राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 53% के बजाय 55% DA/DR मिलेगा। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू होगी और अप्रैल 2025 से वेतन व पेंशन के साथ इसका भुगतान शुरू होगा। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।
कब और कैसे मिलेगा लाभ? Dearness allowance increased in Haryana
वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, संशोधित महंगाई भत्ता और राहत अप्रैल 2025 से कर्मचारियों के वेतन और पेंशनभोगियों की पेंशन के साथ दी जाएगी।
इसके अलावा, जनवरी 2025 से मार्च 2025 तक की अवधि का बकाया (एरियर) मई 2025 में उनके खातों में जमा किया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई दरों का पूरा लाभ समय पर मिले। सरकार के इस कदम से करीब 3 लाख स्थायी कर्मचारियों और 2.6 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा।
सातवें वेतन आयोग के साथ पुराने आयोगों को भी राहत
हरियाणा में सातवां वेतन आयोग लागू है, और इसके तहत वेतन व पेंशन लेने वाले कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए DA/DR को 53% से बढ़ाकर 55% किया गया है।
लेकिन सरकार ने पांचवें और छठे वेतन आयोग के तहत वेतन व पेंशन लेने वालों को भी नजरअंदाज नहीं किया। वर्तमान में छठे वेतन आयोग के लाभार्थियों को 246% DA/DR और पांचवें वेतन आयोग के लाभार्थियों को 455% DA/DR मिल रहा है। इन आयोगों के तहत लाभ लेने वालों के लिए भी जल्द ही DA/DR में बढ़ोतरी की घोषणा की जा सकती है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खुशी की लहर
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है, जब महंगाई के कारण लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। नया DA/DR कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।
खासकर पेंशनभोगी, जो अपनी जिंदगी के इस पड़ाव पर स्थिर आय पर निर्भर हैं, इस बढ़ोतरी को एक बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला न केवल उनकी मेहनत को सम्मान देता है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
सरकार का जनहित में कदम
हरियाणा सरकार का यह फैसला कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
बकाया भुगतान और समयबद्ध वितरण की व्यवस्था से सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही का भी परिचय दिया है। यह कदम निश्चित रूप से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा।












