Delhi-Mumbai Expressway accident High speed pickup kills 6 sanitation workers, 5 injured:
हरियाणा के नूंह जिले में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर दिया। तेज रफ्तार पिकअप ने कई सफाईकर्मियों को कुचल दिया, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 5 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आइए, इस त्रासदी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नूंह में सुबह का खौफनाक मंजर Delhi-Mumbai Expressway accident
शनिवार सुबह करीब 10 बजे नूंह के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार पिकअप ने उस समय कहर बरपाया, जब कुछ सफाईकर्मी सड़क की सफाई कर रहे थे।
यह हादसा इतना भयावह था कि कई शवों के टुकड़े हो गए। हादसे में 6 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 5 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी।
घायलों का अस्पताल में इलाज
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, और घायलों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, और डॉक्टर उनकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
सफाईकर्मियों की त्रासदी
जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए सभी लोग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम कर रहे थे। ये मेहनतकश लोग अपनी आजीविका के लिए सड़क को साफ रखने में जुटे थे,
लेकिन एक लापरवाह ड्राइवर की वजह से उनकी जिंदगी छिन गई। इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत को फिर से उजागर किया है।
पुलिस जांच और सवाल
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि पिकअप की तेज रफ्तार ही हादसे का मुख्य कारण थी। हालांकि, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या एक्सप्रेसवे पर सफाईकर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या चालक ने लापरवाही बरती या कोई अन्य कारण था? फिरोजपुर झिरका पुलिस इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
सड़क सुरक्षा की पुकार
यह हादसा हमें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की याद दिलाता है। तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी ऐसी त्रासदियों को जन्म देती है।
प्रशासन को चाहिए कि एक्सप्रेसवे पर काम करने वालों के लिए सख्त सुरक्षा मानक लागू किए जाएं और चालकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। यह घटना उन परिवारों के दर्द को बयां करती है, जिन्होंने अपने अपनों को खो दिया।











