ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Delhi-Mumbai Expressway: अंबाला से मुंबई तक का सफर होगा अब और आसान

On: मई 6, 2025 11:20 पूर्वाह्न
Follow Us:
Delhi-Mumbai Expressway: अंबाला से मुंबई तक का सफर होगा अब और आसान
Join WhatsApp Group

Delhi-Mumbai Expressway: Traveling from Ambala to Mumbai will now be easier: हरियाणा के लिए एक बड़ी खुशखबरी! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अब अंबाला से भी जुड़ेगा, जिससे उत्तर भारत के कई शहरों का मुंबई से संपर्क और मजबूत होगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कोटपुतली से अलवर तक 86 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है, जिस पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आइए, इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।

अंबाला को मिलेगी नई रफ्तार Delhi-Mumbai Expressway

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को शुरू में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

लेकिन अब इसकी पहुंच को और विस्तार देते हुए अंबाला को भी इससे जोड़ा जा रहा है। कोटपुतली-अंबाला हाईवे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए कोटपुतली से अलवर तक एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इस परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।

हरियाणवी म्यूजिक में खौफ का सिंडिकेट: दिलेर खरकिया से हर्षिता दहिया तक इनसाइड स्टोरी | haryanvi-singers-attacks-inside-story-diler-kharkiya-harshita-dahiya-gang-extortion
हरियाणवी म्यूजिक में खौफ का सिंडिकेट: दिलेर खरकिया से हर्षिता दहिया तक इनसाइड स्टोरी

इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से अंबाला के साथ-साथ उत्तर हरियाणा और पंजाब के कई शहरों की मुंबई से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अब अंबाला से मुंबई जाने वाले वाहन कोटपुतली से जयपुर की ओर जाने के बजाय सीधे अलवर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खासियतें

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एक आठ-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

यह हाईवे अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जो यात्रियों को सुरक्षित और तेज यात्रा का अनुभव प्रदान करता है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी पहले की तुलना में काफी कम समय में तय की जा सकेगी।

हरियाणा और पंजाब के लिए क्या होगा फायदा?

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उत्तर भारत के कई शहरों को देश की आर्थिक राजधानी से सीधा संपर्क मिलेगा। अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल जैसे हरियाणा के शहरों के साथ-साथ पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे शहर भी इस एक्सप्रेसवे के जरिए मुंबई से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

हरियाणा ITI में 'ऑन द स्पॉट' दाखिले की तारीख बढ़ी, जानें NCVT और SCVT की नई लास्ट डेट | haryana-iti-admission-2026-on-the-spot-last-date-extended-ncvt-scvt
हरियाणा ITI में ‘ऑन द स्पॉट’ दाखिले की तारीख बढ़ी, जानें NCVT और SCVT की नई लास्ट डेट

इसके अलावा, इस एक्सप्रेसवे से माल ढुलाई में भी तेजी आएगी। ट्रक और अन्य वाहन कम समय में माल को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचा सकेंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और व्यवसायों को लाभ होगा।

1400 करोड़ की लागत, दो साल में होगा तैयार

कोटपुतली से अलवर तक बनने वाला यह नया एक्सप्रेसवे 86 किलोमीटर लंबा होगा और इसे बनाने में करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी है,

ताकि इसे निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी, क्योंकि यह हाईवे अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ बनाया जा रहा है।

भविष्य की राह

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और इसके नए विस्तार से भारत की सड़क कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जुड़ेगा। यह परियोजना न केवल हरियाणा और पंजाब के लोगों के लिए, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा कदम है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

हरियाणा के गांवों में दौड़ा हाई-स्पीड इंटरनेट: 5,154 पंचायतें भारतनेट से जुड़ीं, मिला बड़ा फंड | haryana-bharatnet-5154-gram-panchayats-connected-telecom-reforms-incentive
हरियाणा के गांवों में दौड़ा हाई-स्पीड इंटरनेट: 5,154 पंचायतें भारतनेट से जुड़ीं, मिला बड़ा फंड

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment