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Gymnastics Hall: अम्बाला के वॉर हीरोज स्टेडियम में बन रहे भविष्य के चैंपियन

On: June 2, 2025 8:35 PM
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Gymnastics Hall: अम्बाला के वॉर हीरोज स्टेडियम में बन रहे भविष्य के चैंपियन
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Gymnastics Hall Future champions being created at War Heroes Stadium, Ambala: अम्बाला का वॉर हीरोज मेमोरियल स्टेडियम हरियाणा का नंबर – 1 जिम्नास्टिक हॉल बन चुका है। साउंडप्रूफ व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार इस स्टेडियम का लाभ खिलाड़ियों को मिल रहा है। इसी का परिणाम है कि हाल के पांच सालों में राष्ट्रीय स्तर पर 18 मेडल अम्बाला के आ चुके हैं। मौजूदा समय में करीब 150 खिलाड़ी हर दिन यहां प्रैक्टिस करने आते हैं। इन खिलाड़ियों को खेल विभाग के 3 कोच प्रशिक्षण दे रहे हैं। स्टेडियम में भविष्य के चैंपियन तैयार करने पर जोर लगाया जा रहा है। यहां छह साल के खिलाड़ियों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है।

Gymnastics Hall: जिम्नास्टिक हॉल की खासियत

• 2019 में बनकर तैयार हुआ जिम्नास्टिक हॉल • 7 करोड़ रुपए की लागत आई निर्माण कार्य में। • साउंड प्रूफ के साथ- साथ लाइट्स, दर्शकों के लिए कुर्सियां, बड़ी एलईडी स्क्रीन लगी है। • 1.18 करोड़ रुपए की लागत से जिम्नास्टिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

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इन दिग्गजों ने दिखाई प्रतिभा

अंजु दुआः अम्बाला की अंजु दुआ राष्ट्रीय स्तर पर 10 स्वर्ण, 23 रजत व 11 कांस्य पदक जीती हैं। इसमें अर्जुन अवॉर्ड हासिल करने वाली प्रदेश की पहली खिलाड़ी हैं।

योगेश्वर सिंहः राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की कई बार हैट्रिक लगा चुके योगेश्वर सिंह को भी अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

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यह स्थिति चिंताजनक

चिंताजनक बात यह है कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कम प्रतियोगिता होने के चलते खिलाड़ियों को अपनी स्ट्रेंथ का पता नहीं लग पाता है। वे बड़े मुकाबलों में पिछड़ जाते हैं। वहीं, खिलाडियों के हिसाब से प्रशिक्षण देने वाले कोच की संख्या काफी कम है। एक्सपोजर की कमी है।

हालांकि, इस हॉल की सफलता के बावजूद कुछ चुनौतियां हैं। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कम प्रतियोगिताएं (Limited Competitions) होने से खिलाड़ी अपनी ताकत नहीं जान पाते। बड़े मुकाबलों में वे पिछड़ सकते हैं। कोचों की संख्या भी कम है। 150 खिलाड़ियों के लिए केवल तीन कोच पर्याप्त नहीं हैं। एक्सपोजर की कमी (Lack of Exposure) एक बड़ी समस्या है। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की जरूरत है। प्रशिक्षण और सुविधाओं को बढ़ाने से यह हॉल और बेहतर परिणाम दे सकता है। सरकार और खेल विभाग को इस दिशा में कदम उठाने होंगे।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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