हांसी, 19 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। CBSE बोर्ड 2026 के नतीजों में हरियाणा के हांसी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यहाँ के एक ही स्कूल के 67 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल कर प्रदेश भर में सनसनी मचा दी है। इस ऐतिहासिक सफलता में बेटियों ने बाजी मारी है, जिसकी चर्चा अब पूरे शिक्षा जगत में हो रही है।
हरियाणा के हिसार जिले के अंतर्गत आने वाले हांसी शहर ने सीबीएसई 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहाँ के एक निजी स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित करते हुए अपने 67 विद्यार्थियों को 90% से अधिक अंकों की सूची में खड़ा कर दिया है। यह आंकड़ा न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद स्कूल परिसर में उत्सव जैसा माहौल है और पूरे क्षेत्र में इन मेधावियों की प्रतिभा के चर्चे हो रहे हैं।
बेटियों का बोलबाला और ग्रामीण प्रतिभा का दम
इन नतीजों की सबसे सुखद तस्वीर यह है कि 67 टॉपर्स की इस बड़ी फौज में लड़कियों की संख्या सबसे अधिक है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर महिला सशक्तीकरण और शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकांश छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं, जिन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद अपनी कड़ी मेहनत और लगन से बड़े मुकाम को हासिल किया है। स्कूल प्रबंधन ने इस जीत का जश्न ढोल-नगाड़ों की थाप और फूल-मालाओं के साथ मनाया, जिससे छात्रों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया।
कामयाबी का फॉर्मूला: रट्टा नहीं, कॉन्सेप्ट पर फोकस
स्कूल के प्रधानाचार्य ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय बच्चों की मेहनत और स्कूल की विशेष रणनीति को दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों ने केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय छात्रों को ‘कॉन्सेप्ट’ समझने के लिए प्रेरित किया। स्कूल ने पढ़ाई के पारंपरिक तरीके को बदलकर नियमित टेस्ट, कमजोर छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान और निरंतर मार्गदर्शन की नीति अपनाई। प्रधानाचार्य के अनुसार, “बच्चों को रटने के बजाय विषय की गहराई समझाने और समय-समय पर मोटिवेट करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।”
दूसरे स्कूलों के लिए प्रेरणा बना हांसी का यह मॉडल
यह कामयाबी केवल एक स्कूल की जीत नहीं है, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए एक सीख है जो सही रणनीति और मार्गदर्शन की तलाश में हैं। प्रधानाचार्य का मानना है कि उनकी यह ‘विशेष रणनीति’ अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। व्यक्तिगत तौर पर हर छात्र की बारीकियों पर नजर रखने और उन्हें रटंत विद्या से दूर रखने का यह मॉडल अब पूरे हरियाणा में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस परिणाम ने साबित कर दिया है कि यदि मुकम्मल तैयारी हो, तो ग्रामीण आंचल के बच्चे भी आसमान छू सकते हैं।
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