Haryana News: Big decision in Haryana Pakistani citizens will be evacuated after Pahalgam attack, know how many people in which district: पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले के बाद हरियाणा सरकार ने राज्य में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को बाहर निकालने का बड़ा फैसला लिया है।
करीब 460 पाकिस्तानी नागरिकों की जांच शुरू हो चुकी है, और जो लोग नागरिकता प्रक्रिया में नहीं हैं, उन्हें जल्द राज्य छोड़ना होगा। आइए, इस निर्णय और इसके पीछे की वजहों को विस्तार से समझते हैं।
पहलगाम हमले ने बढ़ाई सतर्कता Haryana News
जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में रविवार शाम अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकियों ने एक बस पर हमला किया। इस हमले में कई श्रद्धालु घायल हुए, और कुछ की मौत की भी खबर है। घात लगाकर की गई इस फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि किसी आतंकी संगठन ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इस हमले ने केंद्र और राज्य सरकारों को और सतर्क कर दिया है।
हरियाणा में विदेशी नागरिकों पर नजर
पहलगाम हमले के बाद हरियाणा सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। गृह विभाग ने राज्य में रह रहे विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला कि हरियाणा में करीब 600 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें से लगभग 460 पाकिस्तानी मूल के हैं।
ये लोग वीजा के जरिए राज्य में रह रहे हैं, और इनमें से कई का इतिहास भारत-पाक विभाजन से जुड़ा है। सरकार ने अब इन सभी की गहन जांच शुरू कर दी है। विशेष रूप से उन लोगों पर नजर है, जो भारत की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।
नागरिकता आवेदन और निष्कासन की प्रक्रिया
गृह विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 460 में से 375 पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया है। इन आवेदनों की जांच जारी है। बाकी लोग, जो अभी भी वीजा पर निर्भर हैं और नागरिकता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें हरियाणा से बाहर निकालने की तैयारी है।
यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
जिलेवार आंकड़े: कहां कितने पाकिस्तानी नागरिक?
हरियाणा के गृह विभाग ने जिलेवार आंकड़े जारी किए हैं, जो बताते हैं कि राज्य के कौन से जिले में कितने पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं।
फरीदाबाद में सबसे ज्यादा 214, सिरसा में 68, अंबाला में 42, यमुनानगर में 57, फतेहाबाद में 27, रोहतक में 28 और गुरुग्राम में 8 पाकिस्तानी नागरिक हैं। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार ने प्रत्येक जिले में जांच और निगरानी तेज कर दी है।
सुरक्षा और संतुलन की चुनौती
यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही मानवीय पहलुओं का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। कई पाकिस्तानी नागरिक दशकों से हरियाणा में रह रहे हैं, और उनकी जिंदगी भारत से जुड़ी है।
सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच और निष्कासन की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। साथ ही, स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की जरूरत है।












