ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Haryana School: गरीब बच्चों को दाखिला न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द, शिक्षा मंत्री का सख्त एक्शन

On: April 23, 2025 6:25 AM
Follow Us:
Haryana School: गरीब बच्चों को दाखिला न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द, शिक्षा मंत्री का सख्त एक्शन
Join WhatsApp Group

Haryana School Recognition of schools not admitting poor children cancelled: हरियाणा में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम का पालन न करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। जिन स्कूलों ने गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को दाखिला देने से इनकार किया है, उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। साथ ही, बच्चों के लिए दाखिला प्रक्रिया को और सुलभ बनाने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख को 25 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। यह कदम हरियाणा के उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के हकदार हैं।

शिक्षा के अधिकार को लागू करने की कवायद Haryana School

हरियाणा सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) को लेकर गंभीर है। इस अधिनियम के तहत, निजी स्कूलों को गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए अपनी सीटों का एक हिस्सा आरक्षित करना अनिवार्य है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो स्कूल इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हरियाणा में 10,701 निजी स्कूल हैं, जिनमें से 3,134 स्कूलों ने अभी तक अपनी सीटों का ब्योरा नहीं दिया है। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हर बच्चे को उसका हक मिले।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

दाखिला प्रक्रिया में राहत: तारीख बढ़ी

स्कूलों के रवैये को देखते हुए शिक्षा विभाग ने RTE के तहत दाखिला प्रक्रिया को और लचीला बनाया है। पहले 14 अप्रैल को दाखिले की अंतिम तारीख थी, जिसे बाद में 21 अप्रैल तक बढ़ाया गया। अब विभाग ने इसे तीसरी बार बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दिया है। यह फैसला उन अभिभावकों के लिए राहत भरा है, जो अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाना चाहते हैं। ऑनलाइन आवेदन केवल स्कूल की पहली कक्षा के लिए स्वीकार किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया को और व्यवस्थित किया जा सके।

किन बच्चों को मिलेगा लाभ?

हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि RTE के तहत कई श्रेणियों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिलेगा। इसमें एचआईवी पीड़ित बच्चे, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, युद्ध विधवाओं के बच्चे, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे शामिल हैं। स्कूलों को अपनी कुल सीटों में से कम से कम 8% अनुसूचित जाति, 4% पिछड़ा वर्ग-ए, और 2.5% पिछड़ा वर्ग-बी के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होंगी। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि समाज के हर वर्ग के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सकें।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

शिक्षा विभाग की सख्ती

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की बात कही है। जिन स्कूलों ने सीटों का ब्योरा नहीं दिया या RTE नियमों का उल्लंघन किया, उनके खिलाफ मान्यता रद्द करने की कार्रवाई तेज की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल को फिर से खोला है, ताकि स्कूलों को अपनी जानकारी अपडेट करने का आखिरी मौका मिले। यह कदम न केवल शिक्षा के अधिकार को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार बच्चों के भविष्य के प्रति कितनी संवेदनशील है।

अभिभावकों के लिए सलाह

यदि आप अपने बच्चे को RTE के तहत निजी स्कूल में दाखिला दिलाना चाहते हैं, तो 25 अप्रैल से पहले ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। सुनिश्चित करें कि आपके दस्तावेज, जैसे आय प्रमाण पत्र और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, तैयार हों। आवेदन प्रक्रिया के लिए हरियाणा शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और निर्देशों का पालन करें। यदि आपको कोई समस्या आती है, तो नजदीकी शिक्षा विभाग कार्यालय से संपर्क करें। यह आपके बच्चे के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त

शिक्षा में समानता की ओर कदम

हरियाणा सरकार का यह फैसला शिक्षा में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाकर सरकार न केवल उनके सपनों को पंख दे रही है, बल्कि समाज में सामाजिक न्याय को भी मजबूत कर रही है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की यह पहल हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment