Jail Warden Recruitment 2025 in Haryana Great opportunity for 1300 posts, new jails and training academy started: हरियाणा में जेल प्रशासन को मजबूत करने और कैदियों के सुधार को बढ़ावा देने की दिशा में 22 मई 2025 का दिन एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में जेल ट्रेनिंग अकादमी (Jail Training Academy) का उद्घाटन किया और हरियाणा में जेल वार्डन भर्ती 2025 (Haryana Jail Warden Recruitment) के तहत 1300 पदों पर भर्ती की घोषणा की। इसके साथ ही, पंचकूला, चरखी दादरी, और फतेहाबाद में 300 करोड़ रुपये की लागत से तीन नई जेलों के निर्माण का ऐलान किया गया। यह पहल न केवल जेल सुधार प्रणाली को नई दिशा देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर (Employment Opportunities) भी खोलेगी। आइए, इस ऐतिहासिक कदम के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हरियाणा में जेल वार्डन भर्ती 2025
हरियाणा सरकार ने जेल विभाग में 1300 वार्डन पदों पर भर्ती की घोषणा की है, जो उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। इसके अतिरिक्त, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी, और चयनित उम्मीदवारों को आधुनिक तकनीकों (Modern Technology) का प्रशिक्षण देकर जेल प्रशासन में उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाया जाएगा। यह पहल न केवल जेल विभाग को कुशल कर्मचारियों से समृद्ध करेगी, बल्कि समाज में सुधार और सुरक्षा की दिशा में भी योगदान देगी।
Jail Warden Recruitment 2025 in Haryana: करनाल में जेल ट्रेनिंग अकादमी
करनाल में 30.29 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े छह एकड़ भूमि पर निर्मित जेल ट्रेनिंग अकादमी का उद्घाटन एक ऐतिहासिक उपलब्धि है (Jail Training Academy). इस अकादमी को केवल एक इमारत नहीं, बल्कि जेल सुधार और पुनर्वास (Prisoner Rehabilitation) की दिशा में एक नए दृष्टिकोण की शुरुआत बताया गया है। यह उत्तरी भारत की पहली ऐसी अकादमी है, जो जेल कर्मचारियों और अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन कौशल का प्रशिक्षण देगी। अकादमी में बिजली, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीसीटीवी कैमरे, और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इसे एक आदर्श प्रशिक्षण केंद्र बनाती हैं।
नई जेलों का निर्माण
हरियाणा में वर्तमान में 20 जेलों में करीब 25,000 कैदी हैं, लेकिन सीमित क्षमता के कारण नई जेलों की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस कमी को पूरा करने के लिए पंचकूला, चरखी दादरी, और फतेहाबाद में 300 करोड़ रुपये की लागत से तीन नई जेलें बनाई जाएंगी। फतेहाबाद में 1200 कैदियों की क्षमता वाली जेल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि पंचकूला और चरखी दादरी में 2200 कैदियों की क्षमता वाली जेलों के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो गया है। इन जेलों में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था (Security Systems) और सुधार केंद्रित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि कैदी समाज में बेहतर इंसान बनकर लौट सकें।
जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि जेलों को सजा देने की जगह सुधार गृह बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत कैदियों को योग और गीता का ज्ञान दिया जाएगा, जो उनकी मानसिक शांति और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगा। यह पहल कैदियों के पुनर्वास (Prisoner Rehabilitation) को नई दिशा देगी। इसके अलावा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, और रोहतक में आटा मिल और कोहलू स्थापित किए गए हैं, जहां कैदी कौशल विकास (Skill Development) के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों से जेल विभाग को 2 करोड़ रुपये की आय हुई, जो इस दिशा में एक बड़ी सफलता है।
हरियाणा की जेलों में आधुनिक सुविधाओं और तकनीकों (Modern Technology) का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। जेलों में अपराधी गतिविधियों को रोकने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से जैमर और बॉडी स्कैनर जैसे उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। यह कदम जेलों को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत तकनीकी रूप से कितना मजबूत हो चुका है, और इसका उपयोग जेल प्रशासन में भी किया जा रहा है। डिजिटल इंडिया की तर्ज पर जेल सुधार प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
150 साल पुरानी मांग पूरी
हरियाणा जेल विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अकील ने बताया कि जेल ट्रेनिंग अकादमी का निर्माण 150 साल पुरानी मांग थी, जो अब पूरी हो गई है। यह अकादमी साढ़े छह एकड़ भूमि पर बनी है और इसका निर्माण हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने तीन साल में पूरा किया। अकादमी में बागवानी, पार्किंग, और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ यह एक मॉडल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रही है।













