Jind News , Unique marriage without dowry: History of social change created in Jind, Haryana: हरियाणा के जींद जिले में एक ऐसी शादी हुई, जो न केवल दिलों को छू गई, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी बन गई।
यहां न दहेज का लेन-देन हुआ, न ही कोई महंगा सामान स्वीकार किया गया। दूल्हे और उसके परिवार ने साफ तौर पर 11 लाख रुपये और घरेलू सामान लेने से इनकार कर दिया। यह कहानी न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह दर्शाती है कि समाज में बदलाव की शुरुआत छोटे कदमों से हो सकती है।
दहेज को ठुकराने की अनोखी पहल Jind News
जींद के सफीदों क्षेत्र में रहने वाले ज्योतिषी पुरुषोत्तम कौशिक के बेटे ज्योतिष कौशिक की शादी सोनीपत के सांदल कलां गांव की तनु के साथ तय हुई थी।
तीन महीने पहले जब यह रिश्ता पक्का हुआ, तभी दूल्हे के परिवार ने दहेज लेने से मना कर दिया था। पुरुषोत्तम कौशिक ने स्पष्ट कहा, “हमारे लिए दुल्हन ही सबसे बड़ा दहेज है।” इस सोच ने न केवल दुल्हन के परिवार को हैरान किया, बल्कि आसपास के लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।
शादी के दिन का दिलचस्प वाकया
30 अप्रैल को बारात जब दुल्हन के घर पहुंची, तो शादी की रस्में शुरू हुईं। दुल्हन के पिता सुनील ने परंपरा के अनुसार शगुन की परात में 11 लाख रुपये रख दिए। इसके अलावा, उन्होंने फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान भी तैयार कर रखा था। लेकिन दूल्हे के परिवार ने इसे देखकर एक अनोखा कदम उठाया।
पुरुषोत्तम कौशिक, उनके भाई रामेश्वर, रामकुमार, गोविंद और गोपाल कौशिक ने रुपये को माथे से लगाया और फिर उसे दूल्हे के हाथों दुल्हन के ताऊ को वापस कर दिया। उन्होंने केवल एक रुपया और नारियल शगुन के तौर पर स्वीकार किया।
“कन्या ही हमारा दहेज”
दूल्हे के पिता पुरुषोत्तम कौशिक ने भावुक अंदाज में कहा, “जिसने अपनी बेटी हमें सौंपी, उसने हमें सब कुछ दे दिया। हमें न तो नकदी चाहिए, न ही कोई सामान।
” यह बयान न केवल उनके मूल्यों को दर्शाता है, बल्कि समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी देता है। दूल्हा ज्योतिष कौशिक, जो बीए कर चुका है, और दुल्हन तनु, जो एम.कॉम की पढ़ाई कर रही है, इस शादी के जरिए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं।
समाज के लिए प्रेरणा
यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत है। दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए ऐसी पहल बेहद जरूरी हैं।
जींद की इस शादी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो पुरानी परंपराओं को बदला जा सकता है। यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहता है।
एक नई शुरुआत की उम्मीद
ज्योतिष कौशिक और तनु की यह शादी न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। यह हमें सिखाती है कि सच्चा रिश्ता प्यार, सम्मान और विश्वास पर टिका होता है, न कि धन और सामान पर। आइए, इस जोड़े के इस कदम से प्रेरणा लें और दहेज मुक्त समाज की ओर कदम बढ़ाएं।













