अंबाला कैंट स्टेशन पर अब KFC, Domino’s और McDonald जैसे ब्रांडेड फास्ट फूड आउटलेट खुलने की तैयारी है. यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे प्लेटफार्म एक पर नया फूड ज़ोन बनाने जा रहा है.
कैंट रेलवे स्टेशन पर नामी कंपनियों के मिलेंगे पिज्जा व बर्गर
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जल्द ही KFC, Domino’s, McDonald जैसी नामी कंपनियों का फूड मिलना शुरू हो सकता है. प्रीमियम ट्रेनों में बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन पर फास्ट फूड उपलब्ध कराने का फैसला लिया है ताकि यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही गर्म पिज्जा, बर्गर और अन्य स्नैक्स मिल सकें.
प्लेटफार्म एक पर तैयार होगा नया आउटलेट
यात्रियों को आसानी से ब्रांडेड फूड मिल सके, इसके लिए प्लेटफार्म एक पर जगह तय की जा रही है. यहां शताब्दी का बेस किचन मौजूद है, जिसमें पहले से बड़ी रसोई बनी हुई है. इसी स्थान को नए फूड आउटलेट के रूप में विकसित करने की योजना है ताकि एक तरफ खाना तैयार हो सके और दूसरी तरफ यात्री आराम से बैठकर खा सकें. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहले यह जगह देने की योजना थी, जिसे अब किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा.
मांग बढ़ी तो रेलवे ने बढ़ाया कदम
रेलवे हर फैसले के लिए यात्रियों की संख्या और मांग का आंकड़ा तैयार करता है. इसी आधार पर फास्ट फूड की जरूरत का आकलन किया गया. यात्रियों द्वारा यात्रा के दौरान पिज्जा, बर्गर और स्नैक्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके बाद ब्रांडेड आउटलेट लाने का फैसला लिया गया.
12 प्रीमियम ट्रेनें सहित 175 ट्रेनों का आवागमन
अंबाला कैंट स्टेशन से लगभग 175 ट्रेनें गुजरती हैं जिनमें 12 प्रीमियम ट्रेनें, छह वंदे भारत और छह शताब्दी शामिल हैं. इसके अलावा यह स्टेशन कोलकाता, मुंबई, कटरा, उदयपुर सहित कई लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए भी अहम केंद्र है.
20 स्टाल और एक भोजनालय
कैंट स्टेशन पर सात प्लेटफार्म हैं. प्लेटफार्म एक पर भोजनालय के साथ पांच स्टाल मौजूद हैं. प्लेटफार्म 2, 3, 4, 6 और 7 पर लगभग 15 स्टाल हैं. इसके अलावा छोले भूटरे की पांच रेहड़ियां और लगभग 10 के करीब कुलचे छोले बेचने वाले भी यहां मौजूद हैं.
रेलवे की प्रक्रिया जारी
रेलवे के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एनके झा के अनुसार ब्रांडेड कंपनी के आउटलेट को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर मंडल रेल प्रबंधक को भेजा जाएगा ताकि यात्रियों को फास्ट फूड और स्नैक्स आसानी से मिल सकें. रेलवे का यह कदम बढ़ती बिक्री और राजस्व में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.












