CBSE Pattern: कैंट बोर्ड स्कूलों में नए सत्र से CBSE Pattern लागू होगा। छात्र अब हरियाणा बोर्ड की जगह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करेंगे। जानें Cant Board CBSE Pattern बदलाव, मान्यता प्रक्रिया और स्कूलों पर इसका असर।
कैंट बोर्ड स्कूलों में अब इंग्लिश मीडियम और CBSE पैटर्न से पढ़ाई
बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर बड़ा फैसला
हरियाणा के अंबाला में कैंटोनमेंट बोर्ड ने छात्रों की बेहतर शिक्षा और उज्जवल भविष्य के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब कैंट बोर्ड स्कूलों में पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से करवाई जाएगी। साथ ही हरियाणा बोर्ड की जगह CBSE पैटर्न लागू होगा। यह नया पैटर्न आगामी वर्ष की शुरुआत से आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।
इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
CBSE मान्यता की प्रक्रिया तेज
कैंट बोर्ड ने CBSE पैटर्न को लागू करने के लिए करीब छह महीने पहले तैयारी शुरू कर दी थी। इसी दौरान स्कूलों से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी CBSE बोर्ड के साथ साझा की गई।
इनमें पढ़ाई का मौजूदा स्तर, छात्रों और शिक्षकों की संख्या, खेल सुविधाएं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल रहा। CBSE द्वारा स्कूलों को कोड भी जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही मान्यता प्रमाणपत्र भी जारी किए जाएंगे।
चार स्कूलों को मिलेगी CBSE पैटर्न से पढ़ाई की अनुमति
कैंटोनमेंट बोर्ड के कुल चार स्कूल अब CBSE पैटर्न पर शिफ्ट होंगे।
इनमें शामिल हैं
बीआई बाजार स्कूल
बीसी बाजार स्कूल
लालकुर्ती बाजार स्कूल
रूट्स पब्लिक स्कूल
इन स्कूलों में 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई करवाई जाती है और कुल छात्रों की संख्या करीब 2600 है।
10वीं की परीक्षा अभी हरियाणा बोर्ड से ही
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार CBSE पैटर्न नए सत्र से लागू होगा ताकि छात्रों को किसी तरह की समस्या न हो।
जो छात्र वर्तमान में 9वीं से 10वीं में जाएंगे, उनकी 10वीं की परीक्षा हरियाणा बोर्ड से ही ली जाएगी। इसका कारण यह है कि अचानक पैटर्न बदलने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बच्चों को नए पैटर्न और अंग्रेजी माध्यम के बारे में जागरूक करने के लिए स्कूल स्तर पर विशेष जानकारी भी दी जाएगी।













