हरियाणा के सबसे बड़े औद्योगिक शहर फरीदाबाद में वाहन चालकों और फैक्टरी मालिकों को एनएचएआई ने बड़ी राहत दी है। दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए एक नया बाईपास रास्ता खोल दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर फरीदाबाद से बल्लभगढ़ की ओर जाने वाली मुख्य लेन पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लोहे की रेलिंग को काटकर एक अस्थायी कट का निर्माण किया है। इस नए लिंक के चालू होने से दोनों बड़े हाईवे आपस में सीधे कनेक्ट हो गए हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश और मुंबई की तरफ जाने वाले कमर्शियल वाहनों को अब शहर के भीतर नहीं घुसना पड़ेगा।
एनएचएआई ने क्यों बनाया हाईवे पर नया अस्थायी कट?
फरीदाबाद के इस हिस्से में मानसून के दौरान नेशनल हाईवे की सर्विस लेन पर सेक्टर 4 और गुडईयर कंपनी के सामने भयंकर जलभराव हो जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) वर्तमान में ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहा है। भारी खुदाई के कारण इस रूट की सर्विस लेन को पूरी तरह बंद करना पड़ा है। यदि एनएचएआई यह नया रास्ता तैयार नहीं करता, तो फरीदाबाद के औद्योगिक इलाकों से निकलने वाले सैकड़ों भारी ट्रकों और कारों को अनाज मंडी के सामने से यू-टर्न लेकर शहर के संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
बल्लभगढ़ शहर को भीषण ट्रैफिक जाम से कैसे मिली मुक्ति?
इस नए डायवर्जन के बनने से बल्लभगढ़ शहर के भीतर वाहनों का दबाव अचानक बेहद कम हो गया है। पहले ट्रैफिक डायवर्ट होने से बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल, स्थानीय पुलिस चौकी और मुख्य बस अड्डे तक कई किलोमीटर लंबा रेंगता हुआ जाम लग जाता था। इस गंभीर समस्या को भांपते हुए हाईवे अथॉरिटी ने गुरुग्राम नहर के किनारे बनी चार लेन की सीमेंटेड सड़क के ठीक सामने रेलिंग काटी है। अब दिल्ली-आगरा हाईवे से आने वाले वाहन बिना रुके सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ रहे हैं और पलवल, मथुरा, आगरा की तरफ आसानी से निकल रहे हैं।
एक्सप्रेसवे का यह नया कट कब तक खुला रहेगा?
पाइपलाइन बिछाने के इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर एनएचएआई के परियोजना निदेशक धीरज सिंह ने आधिकारिक बयान जारी किया है। परियोजना निदेशक धीरज सिंह ने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए यह कदम केवल अस्थायी रूप से उठाया गया है। एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन भी इसी नहर किनारे बनी सीमेंटेड सड़क के जरिए नेशनल हाईवे पर पहुंच रहे हैं। जैसे ही सर्विस लेन के नीचे पाइपलाइन डालने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा, इस अस्थायी मार्ग को दोबारा लोहे की रेलिंग लगाकर बंद कर दिया जाएगा। तब तक सभी भारी वाहनों को इसी नए रूट से निकाला जाएगा।













