सोनीपत और दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश के बरेली जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हरियाणा रोडवेज सोनीपत डिपो ने यात्रियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए सोनीपत से बरेली रूट पर सीधी बस सेवा शुरू करने की कवायद शुरू कर दी है। रोडवेज डिपो के महाप्रबंधक (जीएम) संजय कुमार ने बताया कि इस प्रस्तावित लंबे रूट की व्यवहारिकता को जांचने के लिए आधिकारिक सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे की अंतिम रिपोर्ट तैयार होते ही इसे मंजूरी के लिए सीधे चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा जाएगा, जहां से हरी झंडी मिलते ही रूट पर बसें दौड़ने लगेंगी।
300 किलोमीटर लंबे सफर में यात्रियों को कैसे मिलेगी बड़ी राहत?
मौजूदा समय में सोनीपत से बरेली के बीच कोई सीधी सरकारी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते नौकरी, व्यापार और पढ़ाई के सिलसिले में उत्तर प्रदेश आने-जाने वाले लोगों को करीब 300 किलोमीटर की यात्रा के दौरान तीन से चार अलग-अलग जगहों पर बसें बदलनी पड़ती हैं। इस अव्यवस्था से यात्रियों का समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही उन्हें भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ती है। सीधी बस सेवा शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और सोनीपत के मुसाफिर बेहद कम समय और सीधे किराये में यूपी के रोहिलखंड क्षेत्र तक का सफर आराम से तय कर सकेंगे।
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दिल्ली आईएसबीटी ई-बस सेवा को मंजूरी, किराये पर क्यों फंसा है पेंच?
सोनीपत डिपो केवल बरेली रूट ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के अन्य रूटों पर भी अपनी सेवाओं का आधुनिकीकरण कर रहा है। विभाग को सोनीपत से दिल्ली आईएसबीटी (ISBT) तक पर्यावरण अनुकूल ई-बसों को चलाने की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, इस रूट पर यात्रियों के लिए किराये का निर्धारण करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। वर्तमान में सोनीपत से दिल्ली तक सामान्य एसी बस का किराया 67 रुपये है, जबकि ई-बस की किलोमीटर नीति के अनुसार यह किराया 87 रुपये तय हो रहा है। इस 20 रुपये के अंतर को पाटने के लिए उच्चाधिकारियों के बीच समीक्षा बैठकें चल रही हैं।
पानीपत-गोहाना रूट पर भी दौड़ेंगी ई-बसें, 50 नए कप्तानों की ट्रेनिंग चालू
रोडवेज विभाग ने स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी सुधारने के लिए पानीपत और गोहाना रूट पर भी ई-बसों के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। बेड़े को सुचारू रूप से चलाने के लिए नए भर्ती किए गए 50 परिचालकों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को टिकट बुकिंग में कोई परेशानी न हो। वर्तमान में सोनीपत डिपो के पास कुल 15 ई-बसें मौजूद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बेड़े में जल्द ही 50 नई अत्याधुनिक ई-बसें शामिल होने वाली हैं, जिसके बाद ग्रामीण और शहरी दोनों रूटों पर प्रदूषण मुक्त परिवहन का दायरा बढ़ जाएगा।













