12 अगस्त 2026, बुधवार को देवगुरु बृहस्पति कंबस्ट-फ्री यानी उदित अवस्था में आ रहे हैं। वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, धन, विवाह, संतान, उच्च शिक्षा, अध्यात्म और समृद्धि से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि ग्रह के उदित होने के बाद उससे जुड़े प्रभाव अधिक सक्रिय माने जाते हैं।
गुरु के उदित होने का असर सभी राशियों पर एक जैसा नहीं माना जाता। कुंडली में गुरु की स्थिति और संबंधित भाव के आधार पर परिणाम अलग-अलग बताए जाते हैं। इस बार कर्क, वृश्चिक, मीन, वृषभ, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए करियर, शिक्षा, धन और रिश्तों से जुड़े अच्छे अवसरों के संकेत बताए गए हैं।
कर्क राशि वालों के लिए क्या बदलेगा?
कर्क राशि में गुरु पहले भाव में उदित हो रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह स्थिति व्यक्तिगत विकास, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत कर सकती है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलने और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने के संकेत बताए गए हैं।
सेहत को लेकर भी समय सकारात्मक रहने की बात कही गई है। जीवन को लेकर सोच अधिक सकारात्मक हो सकती है और कामकाज में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। उपाय के तौर पर गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करने और पीले फूल चढ़ाने की सलाह दी गई है।
वृश्चिक राशि को भाग्य और विदेश से जुड़े अवसर
वृश्चिक राशि से गुरु नौवें भाव में उदित हो रहे हैं। यह भाव भाग्य, उच्च शिक्षा, यात्राओं और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस अवधि में उच्च शिक्षा या विदेश जाने की योजना बना रहे छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को अवसर मिल सकते हैं।
अनुभवी लोगों और गुरुजनों की सलाह भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जीवन से जुड़े बड़े फैसलों में सही मार्गदर्शन मिलने की संभावना जताई गई है। उपाय के लिए गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने की सलाह दी गई है।
मीन राशि के छात्रों और रचनात्मक लोगों को लाभ
मीन राशि के लिए गुरु पांचवें भाव में उदित हो रहे हैं। ज्योतिष में पांचवां भाव शिक्षा, रचनात्मकता, प्रेम और संतान से जुड़े मामलों से संबंधित माना जाता है। ऐसे में छात्रों, शिक्षकों, लेखकों, कलाकारों और कंटेंट बनाने वाले लोगों के लिए यह समय अनुकूल बताया गया है।
काम की सराहना मिलने और पढ़ाई में प्रगति के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में आपसी समझ बढ़ने तथा संतान पक्ष से सुख मिलने की भी ज्योतिषीय संभावना जताई गई है। उपाय के तौर पर हर गुरुवार गुरु बीज मंत्र का जाप करने की सलाह दी गई है।
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वृषभ राशि के कारोबारियों को नए संपर्कों का फायदा
वृषभ राशि से गुरु तीसरे भाव में उदित हो रहे हैं। इस स्थिति को संवाद, संपर्क, आत्मविश्वास और छोटी यात्राओं से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कारोबारियों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और पेशेवर लोगों को इंटरव्यू या प्रस्तुति में बेहतर प्रदर्शन का लाभ मिल सकता है।
नए लोगों से संपर्क बढ़ने और कारोबार के विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। छोटी यात्राएं भी काम के लिहाज से फायदेमंद रहने के संकेत बताए गए हैं। उपाय के तौर पर गुरुवार को चने की दाल या हल्दी का दान करने की सलाह दी गई है।
कन्या राशि को धन लाभ और नेटवर्किंग में फायदा
कन्या राशि के लिए गुरु ग्यारहवें भाव में उदित हो रहे हैं। ज्योतिष में इस भाव को आय, लाभ, उपलब्धियों और सामाजिक संपर्कों से जोड़ा जाता है। इसलिए इस राशि के जातकों के लिए धन लाभ और पेशेवर नेटवर्क मजबूत होने के संकेत बताए गए हैं।
लंबे समय के निवेश से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। दोस्तों, परिचितों और प्रभावशाली लोगों का सहयोग भी कामयाबी में मददगार हो सकता है। उपाय के तौर पर विष्णु मंदिर में जाकर पीली मिठाइयों का भोग लगाने की सलाह दी गई है।
मकर राशि के विवाह और साझेदारी के लिए कैसा रहेगा समय?
मकर राशि से गुरु सातवें भाव में उदित हो रहे हैं। यह भाव विवाह, जीवनसाथी और कारोबारी साझेदारी से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस अवधि में वैवाहिक रिश्तों में समझ और भरोसा बढ़ सकता है।
कारोबारी साझेदारियों में भी मजबूती और बेहतर लाभ के संकेत बताए गए हैं। अविवाहित लोगों को विवाह के अच्छे प्रस्ताव मिलने की संभावना जताई गई है। उपाय के तौर पर गुरुवार को चने की दाल और गुड़ का दान करने की सलाह दी गई है।
नोट: यह खबर वैदिक ज्योतिष में प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। ज्योतिषीय दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाता। #BrihaspatiUday #Rashifal2026 #Astrology







