New Highway of Haryana 90.31 km road that will change rural and urban life: हरियाणा में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया गया है।
प्रदेश सरकार ने 90.31 किलोमीटर लंबे नए स्टेट हाईवे-34 को हरी झंडी दे दी है, जो महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और रोहतक जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगा। यह सड़क न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। आइए, जानते हैं इस मेगा प्रोजेक्ट की खासियतें और इसके फायदे।
एक नया रास्ता, नई उम्मीदें New Highway of Haryana
हरियाणा सरकार सड़क नेटवर्क को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट रोहतक जिले की सीमा से शुरू होकर चरखी दादरी होते हुए महेंद्रगढ़ के अटेली मंडी तक जाएगा। इस रास्ते पर पड़ने वाले गांवों और छोटे कस्बों को अब हाई-क्वालिटी रोड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
खास बात यह है कि यह सड़क चार नेशनल हाईवे (709 एक्सटेंशन, 152D, 148B, और NH-11) और दो स्टेट हाईवे (SH-20 और SH-24) को आपस में जोड़ेगी। इससे न केवल ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
गांवों को मिलेगा विकास का तोहफा
इस हाईवे का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण इलाकों को मिलेगा। बाघोत गांव, जहां से नेशनल हाईवे 152D गुजरता है, अब इस नए रास्ते से सीधे जुड़ जाएगा।
बाघोत कट का डायवर्जन भी तैयार हो रहा है, जो बड़ी गाड़ियों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए वरदान साबित होगा। गांवों के बाजार, छोटे व्यापारी और किसान अब अपने उत्पादों को तेजी से रोहतक, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचा सकेंगे। खेती-किसानी पर निर्भर महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी के लिए यह सड़क नई आर्थिक संभावनाएं लेकर आएगी।
ट्रैफिक जाम से राहत, व्यापार को रफ्तार
रोहतक, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ की मुख्य सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। नया स्टेट हाईवे इस दबाव को कम करने में मदद करेगा।
ट्रैफिक को डायवर्ट करने की सुविधा से मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति कम होगी। साथ ही, यह सड़क स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों की सप्लाई और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देगी। अनाज, सब्जियां और दूध जैसे उत्पाद अब कम समय में मंडियों तक पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों की आय में इजाफा होगा।
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट
इस सड़क का निर्माण न केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
सड़क निर्माण के दौरान मजदूरी, मशीनरी ऑपरेशन और कच्चे माल की आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में हजारों लोगों को काम मिलेगा। इसके अलावा, यह हाईवे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बाजारों तक पहुंच को आसान बनाएगा। स्टूडेंट्स और नौकरीपेशा लोग अब घंटों की यात्रा के बजाय मिनटों में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
सरकार और PWD की सक्रियता
इस प्रोजेक्ट की नींव स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की पहल पर रखी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इस सड़क की अहमियत को रेखांकित किया, जिसके बाद इसे मंजूरी मिली।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी तेजी दिखाते हुए डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। PWD के कार्यकारी अभियंता अश्वनी कुमार के मुताबिक, इस सड़क को पहले मेजर रोड रूट-124 के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसे स्टेट हाईवे का दर्जा मिला है। भविष्य में ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए इसे 4-लेन या 6-लेन तक विस्तारित करने की योजना है।
भविष्य की ओर कदम
यह नया स्टेट हाईवे हरियाणा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ेगा, बल्कि आर्थिक प्रगति, रोजगार और सामाजिक विकास को भी गति देगा। सरकार की यह पहल हरियाणा को एक मजबूत और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।












