Pension for trees in Haryana Trees are getting pension in Haryana Environment and farmers benefit from Pran Vayu Devta Yojana: हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठा कदम उठाया है। प्राण वायु देवता योजना के तहत अब 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों को पेंशन दी जा रही है।
यह न केवल पेड़ों की देखभाल को बढ़ावा देगा, बल्कि भूस्वामियों को भी आर्थिक मदद प्रदान करेगा। आइए, इस अनोखी योजना की खासियतों को जानते हैं और समझते हैं कि आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।
प्राण वायु देवता योजना: पर्यावरण की रक्षा, भूस्वामियों को सहारा Pension for trees in Haryana
हरियाणा का वन्य एवं वन्यजीव विभाग पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार नए प्रयास कर रहा है। प्राण वायु देवता योजना इनमें से एक ऐसी पहल है, जो पुराने और ऐतिहासिक पेड़ों को संरक्षित करने के साथ-साथ भूस्वामियों को प्रोत्साहित करती है। इस योजना के तहत वर्तमान में 3,819 पेड़ पेंशन का लाभ ले रहे हैं।
अब सरकार ने 2025-26 के बजट में इस योजना को और विस्तार देने का फैसला किया है, ताकि अधिक से अधिक पेड़ों को शामिल किया जा सके। यह कदम हरियाणा को हरियाली और स्वच्छ हवा की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगा।
पेड़ों को 3,000 रुपये की सालाना पेंशन
इस योजना के तहत 75 साल या उससे अधिक उम्र के पेड़ों को पेंशन का लाभ दिया जाता है। यह पेड़ पंचायती, सार्वजनिक, निजी, सरकारी या गैर-सरकारी संस्थाओं की जमीन पर हो सकते हैं। योजना के अनुसार, प्रत्येक योग्य पेड़ के लिए 3,000 रुपये की सालाना पेंशन दी जाती है।
यह राशि उस भूस्वामी या संस्था को मिलती है, जिसकी जमीन पर पेड़ खड़ा है। इस पैसे का इस्तेमाल पेड़ की देखभाल, सुरक्षा और रखरखाव के लिए किया जाता है। खास बात यह है कि इस पेंशन राशि में समय-समय पर वृद्धि भी की जाएगी, जैसा कि बुढ़ापा पेंशन में होता है।
कौन ले सकता है लाभ?
यदि आपके पास ऐसी जमीन है, जहां 75 साल से ज्यादा पुराना पेड़ मौजूद है, तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह पेड़ गांव की पंचायती जमीन, निजी खेत, स्कूल, कॉलेज या किसी सार्वजनिक स्थान पर हो सकता है। हालांकि, यह पेड़ पहले से इस योजना में शामिल नहीं होना चाहिए।
यह योजना न केवल पर्यावरण को सहेजने में मदद करती है, बल्कि भूस्वामियों को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाती है।
आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तारीख
प्राण वायु देवता योजना का लाभ लेने के लिए भूस्वामियों को 30 जून 2025 तक आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र प्राप्त करने और जमा करने के लिए अपने नजदीकी वन राजिक अधिकारी या वन मंडल अधिकारी के कार्यालय में संपर्क करें। आवेदन की अंतिम तारीख 30 जून 2025 को शाम 5 बजे तक है।
इसके बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी आवेदनों की जांच जिला स्तरीय कमेटी करेगी, जो अंतिम निर्णय लेगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित है, ताकि योग्य लोग बिना किसी परेशानी के लाभ उठा सकें।
पर्यावरण और समाज के लिए फायदे
यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक लाभ भी लाती है। पुराने पेड़ न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जैव-विविधता को भी बढ़ावा देते हैं।
इनकी देखभाल से हरियाणा की हरियाली बरकरार रहेगी। इसके अलावा, भूस्वामियों को मिलने वाली पेंशन राशि उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और पेड़ों के प्रति लोगों का लगाव बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्राण वायु देवता योजना इस दिशा में एक अनूठा प्रयास है, जो प्रकृति और इंसान के बीच एक मजबूत रिश्ता बनाता है।
वन विभाग इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। भविष्य में इस तरह की और योजनाएं पर्यावरण और समाज के लिए नई उम्मीदें लेकर आएंगी।
आप भी बनें पर्यावरण के रक्षक
अगर आपके पास या आपके गांव में कोई पुराना पेड़ है, तो इस योजना का हिस्सा बनें। यह न केवल आपके लिए आर्थिक लाभ का अवसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने का मौका भी है। समय रहते आवेदन करें और हरियाणा के इस अनोखे प्रयास का हिस्सा बनें।












