Sirsa News: Section 163 implemented in Sirsa, ban on everything from weapons to mobiles: हरियाणा के सिरसा जिले में 4 मई को होने वाली नीट परीक्षा 2025 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला मजिस्ट्रेट शांतनु शर्मा ने परीक्षा के दौरान शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी है।
यह कदम न केवल परीक्षा की पारदर्शिता को बढ़ाएगा, बल्कि छात्रों को सुरक्षित माहौल भी प्रदान करेगा। आइए, इस फैसले और इसके नियमों को विस्तार से समझते हैं।
नीट परीक्षा के लिए सख्ती Sirsa News
सिरसा में 4 मई को नीट परीक्षा के लिए 5 केंद्रों पर 2038 छात्र हिस्सा लेंगे। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक है, जबकि दिव्यांग छात्रों को अतिरिक्त समय देकर 6 बजे तक की छूट दी गई है।
जिला मजिस्ट्रेट शांतनु शर्मा ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अशांति को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। धारा 163 के तहत जारी आदेशों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम परीक्षा की पवित्रता को बनाए रखने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
परीक्षा केंद्रों के आसपास सख्त नियम
परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इस क्षेत्र में हथियार लेकर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बिना पहचान पत्र के किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
साथ ही, मोबाइल फोन, गैजेट्स या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल भी वर्जित है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में वाहन पार्किंग और लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी रोक रहेगी। ये नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो।
फोटोस्टेट और कोचिंग सेंटर बंद
परीक्षा की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट दुकानें और कोचिंग सेंटर 4 मई को बंद रहेंगे। यह कदम नकल या अन्य अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ये उपाय न केवल छात्रों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाएंगे, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों का भरोसा भी बढ़ाएंगे।
छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत
सिरसा में नीट परीक्षा के लिए किए गए ये इंतजाम छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत की बात हैं। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में निष्पक्षता और सुरक्षा सबसे अहम होती है।
धारा 163 के तहत लागू ये नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बाहरी हस्तक्षेप परीक्षा को प्रभावित न करे। अभिभावकों का मानना है कि ऐसे कदम बच्चों के मेहनत और सपनों को संरक्षित करने में मदद करेंगे।
प्रशासन की जिम्मेदारी
जिला मजिस्ट्रेट शांतनु शर्मा के नेतृत्व में सिरसा प्रशासन ने नीट परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए हर संभव तैयारी की है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
यह कदम न केवल सिरसा, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए एक मिसाल बन सकता है। प्रशासन का यह प्रयास दिखाता है कि छात्रों का भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता उनकी प्राथमिकता है।
नीट 2025 का महत्व
नीट परीक्षा मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सिरसा के 2038 छात्र इस परीक्षा के जरिए अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं।
ऐसे में प्रशासन की सख्ती और नियम न केवल उनकी मेहनत को सम्मान देते हैं, बल्कि एक पारदर्शी और सुरक्षित प्रक्रिया का भरोसा भी दिलाते हैं।











