नववर्ष के अवसर पर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे ने बड़ी सुविधा दी है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ और नियमित ट्रेनों में सीमित सीटों को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली से श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा के बीच पांच दिनों के लिए विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 27 दिसंबर से 31 दिसंबर तक दोनों दिशाओं में संचालित होगी।
रेलवे के अनुसार यह विशेष ट्रेन नई दिल्ली से कटरा तक करीब 655 किलोमीटर की दूरी लगभग 12 घंटे में तय करेगी। इसका उद्देश्य नववर्ष से पहले और दौरान यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को आरामदायक और सुरक्षित सफर उपलब्ध कराना है।
क्यों लिया गया यह फैसला
हर साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी की शुरुआत में वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। इस दौरान मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिलती है। अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार के अनुसार रेलवे ने यात्री दबाव कम करने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए यह विशेष सेवा शुरू की है।
ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
इस विशेष ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए गए हैं, जिनमें
वातानुकूलित श्रेणी
स्लीपर श्रेणी
जनरल श्रेणी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कोचों की संख्या इस तरह तय की गई है ताकि अलग अलग वर्ग के यात्री आसानी से टिकट प्राप्त कर सकें।
समय सारिणी की जानकारी
नई दिल्ली से कटरा
ट्रेन संख्या 04081 नई दिल्ली से रात 11 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी। यह अंबाला कैंट स्टेशन पर रात 2 बजकर 30 मिनट पहुंचेगी और दोपहर 12 बजे श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पर पहुंचेगी।
कटरा से नई दिल्ली
वापसी में ट्रेन संख्या 04082 कटरा से रात 9 बजकर 20 मिनट पर चलेगी। यह अगली सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर अंबाला कैंट पहुंचेगी और सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
यह विशेष ट्रेन दोनों दिशाओं में निम्न प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी
पानीपत
कुरुक्षेत्र
अंबाला कैंट
लुधियाना
जालंधर कैंट
पठानकोट कैंट
जम्मू तवी
शहीद कैप्टन तुषार महाजन स्टेशन
यात्रियों के लिए आरक्षण व्यवस्था
रेलवे ने आरक्षण प्रणाली को पहले ही अपडेट कर दिया है ताकि टिकट बुकिंग के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वेटिंग लिस्ट कम होगी और भीड़ का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
इसका असर और आगे क्या
इस विशेष ट्रेन से न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख रेल मार्गों पर दबाव भी कम होगा। आने वाले समय में यदि यात्रियों की संख्या और बढ़ती है तो रेलवे ऐसी और विशेष सेवाएं शुरू कर सकता है।












