हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयासों के तहत दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की दूसरी किस्त जारी कर दी है। इस चरण में 7 लाख 1 हजार 965 महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में लगभग 148 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
क्या है यह योजना और क्यों महत्वपूर्ण है
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना राज्य सरकार के 2024 विधानसभा घोषणापत्र में शामिल प्रमुख वादों में से एक रही।
इसके तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जाती है, जिसे हर तीन महीने की संयुक्त किश्त में जारी किया जाता है।
नीतिगत विशेषज्ञों का मानना है कि “ऐसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं की खर्च करने की क्षमता बढ़ाती हैं और घर के भीतर आर्थिक भूमिका को मजबूत करती हैं।”
सरकार का उद्देश्य महिलाओं में आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
डिजिटल तरीका सरल बनाया गया
योजना के लिए आवेदन लाडो लक्ष्मी मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।
30 नवंबर तक 9 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया
इनमें से 7 लाख से अधिक पात्र पाई गईं
5.58 लाख आवेदिकाओं ने आधार ई-केवाईसी पूरा कर लिया है
करीब 1.43 लाख महिलाओं का सत्यापन अभी लंबित है
राज्य प्रशासन के अनुसार, आवेदन पूरा होने के 24 से 48 घंटे में दस्तावेज़ सत्यापित हो जाते हैं और एसएमएस के माध्यम से अंतिम चरण की जानकारी भेजी जाती है।
सामाजिक कल्याण की अन्य पहलें भी चर्चा में
राज्य आर्थिकी के जानकार बताते हैं कि हरियाणा सरकार हाल के वर्षों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खास ध्यान दे रही है।
इनमें से कुछ प्रमुख उदाहरण:
घरेलू गैस सिलेंडर योजना, जिसके तहत 15 लाख से अधिक परिवारों को सस्ती दर पर सिलेंडर उपलब्ध कराया गया
किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस सुविधा
किसानों की फसल की 100 प्रतिशत खरीद एमएसपी पर
नीतिगत विश्लेषक कहते हैं कि “लगातार योजनाओं की श्रृंखला का लक्ष्य राजनीतिक लाभ से अधिक सामाजिक पूंजी को मजबूत करना है।”
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य के लिए संकेत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ऐप पर हर दिन लगभग 3 से 4 हजार नए आवेदन आ रहे हैं।
यह दिखाता है कि महिलाएं सरकारी योजनाओं को जीवन और घर की प्रगति के साधन के रूप में देखने लगी हैं।
सामाजिक विशेषज्ञ बताते हैं कि “महिला लाभार्थियों में भरोसा तभी बनता है जब लाभ सीधे उनके खाते में पहुंचे और प्रक्रिया स्पष्ट हो।”
राजनीतिक तुलना भी चर्चा में
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की योजनाओं पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि:
वादे करना आसान है
लेकिन नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करना नेतृत्व क्षमता की पहचान है
राजनीति विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि “जब भी कोई सरकार नई योजना लागू करती है, तुलना स्वाभाविक है क्योंकि मतदाता प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करते हैं।”
राष्ट्रीय स्तर पर कल्याणकारी कार्यक्रमों की पृष्ठभूमि
केंद्र स्तर पर भारतीय जनकल्याण कार्यक्रम उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि और ग्रामीण विकास योजनाओं जैसे उदाहरण राज्यों की नीतियों को प्रभावित करते रहे हैं।
नीतिगत विशेषज्ञ बताते हैं कि “राज्य सरकारें अब उन योजनाओं पर जोर देने लगी हैं जो सीधे नागरिकों तक पहुंचें और पारदर्शिता बनाए रखें।”













