Tree Pension Yojna , Trees older than 75 years in Haryana will get Rs 3000 pension, apply by June 30: हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों को ‘वृक्ष पेंशन योजना’ के तहत हर साल 3000 रुपये की पेंशन दी जाएगी,
जैसे किसी बुजुर्ग की देखभाल की जाती है। यह योजना न केवल प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित भी करती है। अगर आपके पास भी पुराना पेड़ है, तो 30 जून तक आवेदन कर इस अनोखी योजना का लाभ उठाएं। आइए, इस पहल की पूरी कहानी जानते हैं।
वृक्ष पेंशन योजना की शुरुआत Tree Pension Yojna
हरियाणा सरकार ने 2021 में इस योजना की शुरुआत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। वन विभाग ने 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों को चिह्नित कर उनके लिए वार्षिक सहायता राशि शुरू की।
2023 में इसे पूरे राज्य में लागू किया गया। अब 2025-26 के बजट में पेंशन राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। यह राशि सीधे पेड़ की भूमि के मालिक के बैंक खाते में जमा होगी, ताकि पेड़ की देखभाल सुनिश्चित हो। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा दे रहा है।
पुराने पेड़ों की क्यों है जरूरत?
जलवायु परिवर्तन, जंगल कटाई और शहरीकरण के दौर में पेड़ों की संख्या तेजी से घट रही है। पीपल, बरगद, नीम, आम जैसे पुराने पेड़ ऑक्सीजन, छाया और जैव विविधता का खजाना हैं।
ये जलवायु संतुलन बनाए रखते हैं और पर्यावरण को स्वस्थ रखते हैं। हरियाणा की यह योजना पुराने पेड़ों की देखभाल को प्रोत्साहित करती है, ताकि ये प्रकृति की धरोहर बनी रहें। हिसार के एक किसान, रामस्वरूप ने कहा, “हमारे खेत में 80 साल पुराना बरगद है। अब इसकी देखभाल के लिए पेंशन मिलेगी, यह गर्व की बात है।”
कौन से पेड़ हैं पात्र?
इस योजना में पारंपरिक, छायादार और लंबी उम्र वाले पेड़ों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें पीपल, बरगद, नीम, आम, जामुन, बूलर और पिलखन जैसे पेड़ शामिल हैं।
ये पेड़ न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों से भी जुड़े हैं। अगर आपके घर, खेत या संस्थान में ऐसा कोई पेड़ है, जो 75 साल से पुराना है, तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता
वृक्ष पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदक को भूमि स्वामित्व का प्रमाण (जमाबंदी, लीज या पेट्टा दस्तावेज), पेड़ की उम्र का प्रमाण (विशेषज्ञ या शपथ पत्र), पेड़ की ताजा फोटो, और आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे पहचान पत्र जमा करने होंगे।
आवेदन पत्र नजदीकी वन रेंज अधिकारी या वन मंडल अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2025, शाम 5 बजे तक है। सभी आवेदनों की जांच जिला स्तरीय समिति करेगी।
समाज में उत्साह और जागरूकता
इस अनोखी योजना ने हरियाणा के लोगों में उत्साह पैदा किया है। रोहतक की एक शिक्षिका, सीमा शर्मा ने कहा, “पेड़ों को पेंशन देना पर्यावरण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता दिखाता है।
यह बच्चों को भी प्रकृति की अहमियत सिखाएगा।” यह योजना समाज को यह संदेश देती है कि पेड़ हमारे परिवार का हिस्सा हैं, और उनकी देखभाल हमारी जिम्मेदारी है।
पर्यावरण संरक्षण की नई मिसाल
हरियाणा की वृक्ष पेंशन योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठा प्रयास है। यह न केवल पुराने पेड़ों को बचाने में मदद करेगी, बल्कि लोगों को अधिक पेड़ लगाने के लिए भी प्रेरित करेगी।
अगर आपके पास ऐसा कोई पेड़ है, तो देर न करें। 30 जून से पहले आवेदन करें और इस पर्यावरणीय पहल का हिस्सा बनें। यह योजना हरियाणा को हरा-भरा और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।











