UPSC Result Haryana 20 youths win UPSC in Haryana 2 in top-10: हरियाणा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून के आगे कोई मंजिल दूर नहीं है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में राज्य के 20 युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का झंडा गाड़ा। इनमें 8 बेटियां और 12 बेटे शामिल हैं, जिनमें से दो ने टॉप-10 में जगह बनाकर हरियाणा का गौरव बढ़ाया। हिसार की हर्षिता गोयल ने दूसरी रैंक हासिल की, तो झज्जर के आदित्य विक्रम अग्रवाल ने नौवीं रैंक के साथ सबका दिल जीता। हलवाई के बेटे से लेकर HCS और BDPO तक, हरियाणा के इन सितारों की कहानियां प्रेरणा से भरी हैं। आइए जानते हैं इनकी उपलब्धियों का सफर।
टॉपर्स की प्रेरक कहानियां UPSC Result Haryana
हिसार में जन्मी हर्षिता गोयल ने ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर हरियाणा को गर्व का मौका दिया। गुजरात के वडोदरा में पली-बढ़ी हर्षिता एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन्होंने एमएस यूनिवर्सिटी से बी.कॉम किया है। राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय चुनकर उन्होंने तीसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।
झज्जर के बहादुरगढ़ के आदित्य विक्रम अग्रवाल ने नौवीं रैंक के साथ टॉप-10 में अपनी जगह पक्की की। पांचवें प्रयास में मिली इस सफलता के पीछे उनका धैर्य और आत्मविश्वास है। आदित्य ने बताया, “पिछले दो इंटरव्यू में असफलता ने मुझे तोड़ा, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। ध्यान और मेहनत ने मुझे यह जीत दिलाई।” उनकी कहानी हरियाणा के युवाओं को सिखाती है कि लगातार कोशिश से हर सपना हकीकत बन सकता है।
हरियाणा के कोने-कोने से चमके नगीने
यूपीएससी 2024 में हरियाणा के विभिन्न जिलों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हिसार, जींद, फतेहाबाद, महेंद्रगढ़, पंचकूला, झज्जर, और सोनीपत से दो-दो उम्मीदवारों ने बाजी मारी, जबकि पानीपत, भिवानी, चरखी दादरी, कैथल, सिरसा, और फरीदाबाद से एक-एक युवा ने सफलता पाई। पानीपत की शिवानी पांचाल (रैंक 53) झज्जर में अंडर-ट्रेनी HCS अधिकारी हैं, जिन्होंने नौकरी के साथ यह उपलब्धि हासिल की। कैथल की BDPO समिता पूंजा कटकंडे (रैंक 687) ने भी नौकरी और पढ़ाई को संतुलित कर यह मुकाम पाया।
जींद के हसनपुर गांव के अजय (रैंक 940), जो एक हलवाई के बेटे हैं, ने चौथे प्रयास में यूपीएससी पास कर साबित किया कि मेहनत की कोई सीमा नहीं होती। चरखी दादरी की स्वाति फोगाट (रैंक 306) ने जयपुर से पीएचडी करते हुए दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। इन कहानियों से हरियाणा की मिट्टी की मेहनत और जुनून की खुशबू आती है।
मेहनत और लगन की जीत
इन 20 युवाओं की कहानियां अनुशासन और कड़ी मेहनत का जीवंत उदाहरण हैं। पंचकूला के एकांश ढुल (रैंक 295), जो भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे हैं, ने सेल्फ स्टडी को अपनी ताकत बनाया। पंचकूला की तन्वी गुप्ता (रैंक 187) पिछले साल एक अंक से चूकने के बाद पांचवें प्रयास में कामयाब हुईं। सोनीपत के डॉ. श्रेयक गर्ग (रैंक 35) ने एमबीबीएस के बाद तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि पाई।
महेंद्रगढ़ की अंकिता श्योराण (रैंक 337) ने बिना कोचिंग के दूसरे प्रयास में परीक्षा पास की, जबकि फतेहाबाद के अजय कोलिया (रैंक 895) ने ग्राम सचिव की नौकरी के साथ छह महीने में यह लक्ष्य हासिल किया। इन कहानियों से साफ है कि हरियाणा की धरती प्रतिभा और जज्बे से भरी है।
यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए टिप्स
यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इन टॉपर्स की कहानियां प्रेरणा का खजाना हैं। नियमित पढ़ाई, मॉक टेस्ट, और समय प्रबंधन पर ध्यान दें। असफलता को सीख का हिस्सा मानें और धैर्य बनाए रखें। अपने वैकल्पिक विषय को समझदारी से चुनें और सेल्फ स्टडी पर भरोसा करें। हरियाणा के इन युवाओं ने दिखाया है कि साधारण पृष्ठभूमि से भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
हरियाणा का गर्व, देश का भविष्य
इन 20 युवाओं की सफलता हरियाणा के लिए गर्व का पल है। हर्षिता, आदित्य, अजय, और स्वाति जैसे सितारों ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी कहानियां लाखों युवाओं को प्रेरित करेंगी, जो यूपीएससी जैसे कठिन लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं। हरियाणा की यह प्रतिभा देश के भविष्य को और उज्ज्वल बनाएगी।











