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Farmers Protest : शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के प्रभाव से बचने के लिए किसानों ने चेहरे पर लगाई मुल्तानी मिट्टी, पहने बॉडी प्रोटेक्टर

Farmers Protest : शंभू बॉर्डर पर आंसू गैस के प्रभाव से बचने के लिए किसानों ने चेहरे पर लगाई मुल्तानी मिट्टी, पहने बॉडी प्रोटेक्टर
Shambhu border news: किसान चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगा रहे हैं ताकि आंसू गैस का प्रभाव कम हो जाए। साथ ही कई किसानों ने बॉडी प्रोटेक्टर भी पहने हैं। साथ ही किसान आंसू गैस के गोलों से निकलने वाले धुएं से बचने के लिए खेतों में फसलों के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़े पंखे लेकर पहुंचे।

अंबाला। Farmers Protest : किसान आंदोलन 2.0 का आज दूसरा दिन है और दूसरे दिन भी हजारों की तादाद में किसान शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। ऐसे में अब किसानों के साथ महिलाएं भी आकर खड़ी हुई है। इन महिलाओं का कहना है कि यह पंजाब-हरियाणा का बॉर्डर है कि भारत-पाकिस्तान का? महिला किसानों का कहना है कि अपने ही देश में जाने के लिए इस प्रकार यह सब कुछ हो रहा हो। किसान नेताओं का साफ कहना है कि वह हर हाल में दिल्ली जाएंगे, उसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े। वही दिन पर पुलिस द्वारा किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जिनसे बचने के लिए किसानों ने जुगाड़ लगाने शुरू कर दिए है।

Farmers Protest: To avoid the effect of tear gas at Shambhu border, farmers applied multani mitti on their faces and wore body protectors.

महिला किसानों का बार्डर पर आना जारी

अंबाला के शंभू बॉर्डर पर किसानों की संख्या कल से ज्यादा हो गई है। किसान आंदोलन पार्ट-2 को लेकर जहां पहले दिन सिर्फ पुरुष किसान थे, वहीं आज बड़ी संख्या में उनके साथ महिलाएं भी खड़ी हो गई हैं। बीते दिन भी यहां पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन उसके बावजूद भी किसान पीछे नहीं हटे। बड़ी बात यह है कि आज इस आंदोलन में महिलाएं भी खड़ी  हो गई हैं और यह सब तब हो रहा है जब आंसू गैस के साथ-साथ रबड़ की गोलियां भी चलाई जा रही हैं। बहरहाल महिला किसानों का बार्डर पर आना निरंतर जारी है, किसान नेताओं की मानें तो थोड़ी देर में बड़ी संख्या में महिला किसान इस आंदोलन में शामिल हो जाएंगी।  

आंसू गैस के गोलों से बचने के लिए किया ये जुगाड़

शंभू बॉर्डर पर अब किसान आंसू गैस के गोलों से निकलने वाले धुएं से बचने के लिए खेतों में फसलों के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़े पंखे लेकर पहुंचे। पंखे चलाकर धुएं को हरियाणा की तरफ भेजा जा रहा है। शंभू बॉर्डर पर किसान बैरिकेडिंग की तरफ बढ़ने लगे हैं। पुलिस लगातार उन पर आंसू गैस के गोले दाग रही है।

किसानों की पूरी तैयारी

शंभू बॉर्डर पर किसानों ने आगे बढ़ने के लिए बड़ी तैयारियां कर ली हैं। किसान चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगा रहे हैं ताकि आंसू गैस का प्रभाव कम हो जाए। साथ ही कई किसानों ने बॉडी प्रोटेक्टर भी पहने हैं। जो ट्रैक्टर सबसे आगे चलेंगे उनके सामने लोहे की चादर लगा दी गई है और उन्हें गीली बोरियों से ढक दिया गया है।

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इसके अलावा मिट्टी उड़ाने की मशीनें भी मंगवाई गई हैं। फिलहाल किसान पीछे हटकर पंतगें उड़ा रहे हैं।  वही किसानों द्वारा इस दौरान कई जगहों पर लंगर लगा दिया गया है।

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने बुलाई आपात बैठक

भाकियू चढ़ूनी ने आंदोलनरत किसानो की मांगों का समर्थन कर दिया है। चढ़ूनी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढ़ूनी द्वारा 15 फरवरी सुबह 11 बजे केंद्रीय कार्यालय चढ़ूनी गांव में संगठन के पदाधिकारियो की आपातकालीन मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की मौजूदा स्थिति पर विचार चर्चा की जाएगी और आगामी रणनीति बनाई जाएगी।

शंभू बॉर्डर पर पंधेर की प्रेस कॉन्फ्रेंस

पंजाब किसान मजदूर कमेटी के महासचिव सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर घायल हुए 100 के करीब किसान अस्पताल में हैं और कई घायल अस्पताल नहीं गए। दो किसान नेताओं के आॅपरेशन भी हुए हैं। खनौरी बॉर्डर पर 30 के करीब लोग घायल हुए हैं। आंसू गैस के गोले इस्तेमाल हो रहे हैं। किसानों पर भारी बल का प्रयोग किया जा रहा है। रबर, प्लास्टिक की गोली के अलावा एसएलआर के खोल भी हमें मिले हैं।

ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़ी

बता दें कि बीते दिन मंगलवार (13 फरवरी) को किसानों ने सुबह 10 बजे पंजाब से हरियाणा के लिए कूच किया था। दोपहर करीब 12 बजे किसान एक साथ पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर पहुंचे। सबसे ज्यादा किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंचे। यहां पर किसानों के पहुंचते ही हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले बरसाने शुरू कर दिए थे।

मशीन की रेंज कम पड़ी तो ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़ी गई। किसानों ने यहां सड़क के बीच रखे सीमेंट के स्लैब ट्रैक्टर से हटा दिए थे। जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने रबर की गोलियां भी चलाई। किसानों ने यहां घग्गर के पुल के किनारों पर रखे सेफ्टी बैरियर तोड़ दिए।

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