Haryana News: डेमोक्रेसी के चुनावी महोत्सव में भी पहचान को तरसे ट्रांसजेंडर

चंडीगढ़। Haryana News: बात चाहे किसी भी क्षेत्र की हो, ट्रांसजेंडर (थर्ड जेंडर) वर्ग को अपने हक पाने के लिए लगातार जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सरकार व सिस्टम बेशक ट्रांसजेंडर के हितों व उनके अधिकारियों की सुरक्षा के लिए बड़े दावे करें लेकिन धरातल पर चीजों में कोई ज्यादा बदलाव नहीं दिख रहा है। समाज में महिला व पुरूषों के बराबर हक पाने की इस जंग में ट्रांसजेंडर समुदाय आज भी कई तरह की परेशानियों घिरा हुआ है।
वहीं लोकतंत्र की आहुति में वोट डालने की बात हो तो ट्रांसजेंडर वर्ग की स्थिति यहां भी बेहद ही चिंताजनक है। वोट डालने का हक महिला व पुरुषों की तरह ट्रांसजेंडर को भी है लेकिन स्थिति ये है कि हरियाणा में गिने चुने ही ट्रांसजेंडर वोटर है और निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार तक 10 अप्रैल 2024 तक हरियाणा में ट्रांसजेंडर वोटरों की संख्या 500 से नीचे है। इसके अलावा इससे भी बदतर स्थिति ये है कि हरियाणा में 50 से ज्यादा आयु के ट्रांसजेंडर की संख्या नगण्य है जो कि बेहद चिंताजनक है।
हरियाणा में महज 458 ट्रांसजेंडर वोटर्स, फरीदाबाद व गुरुग्राम में सबसे ज्यादा
इलेक्शन कमिशन के अनुसार हरियाणा में रजिस्टर्ड ट्रांसजेंडर वोटर्स की संख्या महज 458 है और रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या के मामले में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाला फरीदाबाद जिला सबसे आगे है, जहां 79 ट्रांसजेंडर वोटर हैं। वहीं इस मामले में दूसरे स्थान पर साथ लगता गुरुग्राम जिला है जहां पर 49 ट्रांसजेंडर वोटर्स रजिस्टर्ड हैं।
आंकड़ों के लिहाज से कुल रजिस्टर्ड वोटर्स का 28 फीसद यानी कि एक चौथाई से भी ज्यादा है। इसके अलावा अंबाला में 47, पलवल में 38 सोनीपत में 34, करनाल में 23, सिरसा में 20, फतेहाबाद में 17, झज्जर में 13, जींद में 12, पानीपत में 14, कैथल व कुरुक्षेत्र में 22, प्रत्येक 11 और हिसार में 10 ट्रांसजेंडर रजिस्टर्ड वोटर्स हैं। इसके अलावा भिवानी में 8, रोहतक में 7, यमुनानगर में 4 और चरखी दादरी में 1 ट्रांसजेंडर वोटर है।
पांच साल में 284 ट्रांसजेंडर वोटर बढ़े
4 अप्रैल 2019 तक हरियाणा में 174 ट्रांसजेंडर थे, पांच साल में रजिस्टर्ड ट्रांसजेंडर वोटरों की संख्या में 284 नए वोटर्स का इजाफा हुआ है और इस लिहाज से इनकी संख्या में करीब 62 फीसद बढ़ोतरी हुई है। साल 2019 में 21 जिलों के आधार पर प्राप्त जानकारी अनुसार उस समय भी फरीदाबाद रजिस्टर्ड ट्रांसजेंडर वोटर्स की संख्या के मामले में सबसे ऊपर था जहां 25 वोटर्स थे।
इसके बाद इसके बाद सोनीपत (24), गुरुग्राम (19), पानीपत (18), पंचकुला (14), मेवात (11), सिरसा, जींद, कैथल और अंबाला (7 प्रत्येक) हैं। महेंद्रगढ़ (5), फतेहाबाद, झज्जर, करनाल और यमुनानगर (4 प्रत्येक); भिवानी और हिसार (प्रत्येक 3); कुरूक्षेत्र, पलवल, रेवाडी और रोहतक (प्रत्येक 2) में रजिस्टर्ड वोटर्स थे।
ये भी बता दें कि एक विज्ञप्ति में ईसीआई ने उल्लेख किया था कि 2012 से, ट्रासजेंडर मतदाताओं को ‘अन्य’ श्रेणी में रखा गया था। ईसीआई द्वारा यह खुलासा किया गया कि देश में लगभग 38 हजार मतदाता थे।
ट्रांसजेंडर के हितों के लिए ट्रांसजेंडर सेल का गठन किया गया
वहीं दूसरी तरफ बता दे कि ट्रांसजेंडर वर्ग के हितों व अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा स्टेट लेवल ट्रांसजेंडर सेल का गठन किया गया जिसकी जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत जीत कपूर को दी गई। सेल का काम ट्रांसजेंडर के खिलाफ होने वाले क्राइम के मामलों की निगरानी करेगी।
सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया और सेल के अन्य सदस्यों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, महानिदेशक, सामाजिक न्याय सशक्तिकरण, एससी और बीसी के कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग और दो सदस्य शामिल हैं।
आधिकारिक जानकारी अनुसार जिला-स्तरीय सेल का नेतृत्व संबंधित जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किए जाने को कहा गया जिसमें पुलिस आयुक्त/एसपी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और ट्रांसजेंडर समुदाय के दो सदस्य होंगे। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि दोनों सेल ट्रांसजेंडरों के खिलाफ अपराध का समय पर पंजीकरण, जांच और अभियोजन सुनिश्चित करेंगे।प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में ट्रांसजेंडर के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
इसको लेकर चंडीगढ़ के रहने वाले व पीयू के पूर्व ट्रांसजेंडर स्टूडेंट धनंजय चौहान ने हाई कोर्ट से याचिका दाखिल की थी कि ट्रांसजेंडर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन सेल स्थापित किए जाएं।
ट्रांसजेंडर वर्ग को पिछले साल नौकरी देने की पहल की शुरुआत
पिछले साल पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा समाज के ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों को भी सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की शुरुआत करने की पहल की गई। । इस कड़ी में पिछड़ा आयोग द्वारा इस श्रेणी के लोगों से सीधा संवाद सुझाव लिए गए। वर्ग के लोगों द्वारा सुझाव दिए गए कि जिस तरह हर महिला व पुरुष के लिए सरकारी सुविधाएं मिलती हैं उसी प्रकार ट्रांसजेंडर वर्ग को भी सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
समाज को भी हमारे प्रति मानसिकता बदलनी चाहिए।।उन्होंने कहा कि महंत व फकीर की कोई जाति नहीं होती। सरकार की ट्रांसजेंडर वर्ग को भी आरक्षण देने की शुरुआत करने के लिए सुझाव माँगना एक अच्छी पहल है। ये भी बता दें कि हरियाणा में फरीदाबाद पहला ऐसा जिला है जहां पर ट्रांसजेंडरों के लिए पहली बार स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया।
ट्रांसजेंडर वोटर्स को वोट रजिस्ट्रेशन के लिए लगातार मोटिवेट किया जा रहा है। वो निर्वाचन आयोग की वोटर हेल्पलाइन एप (वीएचए) पर खुद को रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। इन माध्यम के जरिए वोट के लिए आवेदन करने से किसी भी तरीके से आइडेंटिटी डिस्कलोज नहीं होती। निर्वाचन आयोग की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा वोटर्स अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। साथ ही आयोग की ये भी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा वोटर्स अपने मत का इस्तेमाल करें। राजकुमार लोहान, ज्वाइंट सीईओ
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