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Nuh News: नूंह दंगों पर विज व दुष्यंत आमने सामने तो भाजपा खाप पचायतों और जजपा के रुख पर कर रही मंथन

Nuh News: नूंह दंगों पर विज व दुष्यंत आमने सामने तो भाजपा खाप पचायतों और जजपा के रुख पर कर रही मंथन
Nuh Haryana News: नूंह दंगों के इनपुट और आयोजन को लेकर दुष्यंत चौटाला का स्टैंड होम मिनिस्टर विज से अलग, खाप पंचायत भी कर रही मामले पर मंथन।

Nuh News In Hindi, (नूंह न्यूज़)। नूंह में 31 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात सामान्य हो रहे हैं। हिंसा की जांच जारी है और सरकार का दावा है कि मामले की गहराई में जाकर दोषियों को सजा दिलवाई जाएगी। लेकिन मामले में कई जगह विरोधाभास भी नजर आ रहा है। खुद प्रदेश के होम मिनिस्टर अनिल विज ने बार बार कहा कि उनको दंगों के बारे पुलिस या सीआईडी की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके चलते दोनों की कार्यशैली पर सवाल भी उठ रहे हैं। इस मामले ने सियासी रंग भी ले लिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष तो मामले को लेकर आमने सामने हैं ही, साथ में अब सत्ता में भाजपा की साझीदार जजपा भी कहीं न कहीं बगावती तेवरों में नजर आ रही है। जजपा नेता व डिप्टी सीएम ने पिछले कुछ दिन मामले पर जो बयान दिए हैं उनके गूढ़ सियासी अर्थ माने जा रहे हैं और भाजपा नेताओं को ये नागवार गुजरे हैं।    

जय हरियाणा जय मेवात नारे के सियासी मायने भी, भाजपा की निगाह जजपा के हर मूव पर

रविवार को  डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने हिसार में एक कार्यक्रम में नूंह हिंसा को लेकर कहा था कि कुछ लोग प्रदेश का भाईचारा खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भाईचारे व एकता के नाम पर जय हरियाणा जय मेवात का नारा भी दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसके सियासी मायने भी हैं।

इस बात से हर कोई इत्तेफाक रखता है कि मेवात में चौटाला परिवार का वोट कैडर रहा है। परिवार में टूट के बाद भी इनेलो और जजपा निरंतर मेवात में सक्रिय हैं। साल 2014 में इनेलो की वहां दो सीट आई थी। हालांकि साल 2019 में ऐसा नहीं हो पाया और नूंह की तीनों सीट पर कांग्रेस विजयी रही है। लेकिन कहीं न कहीं जजपा के आने वाले चुनाव को देखते हुए बेहद सधे और कूटनीतिक अंदाज में मेवात को लेकर आगे बढ़ रही है। 

दंगों संबंधी जानकारी को लेकर डिप्टी सीएम और होम मिनिस्टर आमने-सामने

होम मिनिस्टर अनिल विज और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पूर्व में कई मामलों को लेकर आमने सामने रहे हैं। कमोबेश कुछ ऐसी ही स्थिति एक बार फिर से नजर आ रही है। अनिल विज बार बार कह रहे हैं कि उनको नूंह दंगों के बारे में 31 जुलाई को 3 बजे पता चला। वहीं इस मामले पर अब दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनको तो दंगों के बारे में सुबह ही पता चल गया था।

अब दोनों के बयानों में खासा विरोधाभास है। इसके अलावा दुष्यंत चौटाला लगातार कह रहे हैं कि गलती यात्रा के आयोजनकर्ताओं की है। उन्होंने यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के बारे में सही जानकारी नहीं शेयर की थी। इसको लेकर अनिल विज बार बार कह रहे हैं कि इसमें आयोजनकर्ताओं की कोई गलती नहीं है। उन्होंने लिखित परमिशन को लेकर लिखे पत्र में साफ कर दिया था कि हजारों की संख्या में लोग यात्रा में भाग लेंगे। 

कांग्रेस विधायक मामन खान समर्पण की मुद्रा में, घेर रही भाजपा 

इस पूरे में दोनों  समुदाय की तरफ एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। जहां मुस्लिम समुदाय  मोनू मानेसर और  बिट्टू बजरंगी दंगों के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है तो वहीं भाजपा इसके लिए कांग्रेस विधायक मामन खाने को दंगों के लिए जिम्मेदार बता रही है। पूरे में मामले में मामन खान कहीं न कहीं बैकफुट पर नजर आ रहे हैं।

उन्होंने पिछले विधानसभा सत्र में मोनू मानेसर को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर मोनू उनके इलाके में आए तो वो उसका प्याज सा फोड़ देंगे। इस बयान पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था। वहीं मामन खान समर्पण की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। वो कह रहे हैं कि वो जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनके अलावा भी कई मुस्लिम नेता हैं जिन्होंने इस तरह की बयानबाजी की। 

नूंह जिले में तीन और साथ लगती 2 विधानसभा सीट, संभावित विस चुनावी टक्कर के चलते हर सीट महत्वपूर्ण

फिलहाल के राजनीतिक मौसम की बयार से साफ हो गया है कि आने वाला चुनाव आसान नहीं रहने वाला है। नूंह जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं। साल 2019 के विधानसभा चुनावों में तीनों ही सीटों पर कांग्रेस के ही उम्मीदवार जीते थे। पहले की तरह नूंह विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा है।

यहां से पार्टी ने आफताब अहमद विधायक हैं। वहीं फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीट पर कांग्रेस के मामन खान ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा इसी जिले की तीसरी पुन्हाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के मोहम्मद इलियास ने जीत हासिल की है। उनके और निर्दलीय उम्मीदवार रहीश खान के  बीच नजदीकी टक्कर रही है।  

वहीं साल 2014 के विधानसभा चुनाव में दो सीट पर इनेलो जीती थी और एक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की थी।  इसके अलावा साथ लगती दो और हथीन व सोहना विधानसभा सीट ऐसी हैं,  जहां पर मुस्लिम वोटर किंगमेकर की भूमिका में रहते हैं। यहां से भाजपा के संजय सिंह व प्रवीण डागर विधायक हैं। 

खाप पंचायतें भी कूदी मामले में, भाजपा व आरएसएस का विरोध

नूंह दंगों को लेकर खाप पंचायतों ने भी अपना रुख दिखाया है। पिछले हफ्ते जींद में हुई सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें खाप पंचायतों और किसान मोर्चे के नेता भी शामिल रहे। उन्होंने खुलकर भाजपा व आरएसएस का विरोध करते दोनों संगठनों को बंद करने की मांग की। उन्होंने दंगों के लिए आरएसएस व भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और 9 अगस्त को हिसार के बास गांव  में  एक कार्यक्रम में नूहं घटना पर मंथन का फैसला किया। 

भाजपा और कांग्रेस व इनेलो आमने सामने, भाजपा की जजपा व खाप पंचायतों पर भी नजर 

इस पूरे मामले पर कांग्रेस व इनेलो दोनों मिलकर सरकार को घेरते हुए दंगों को भाजपा द्वारा प्रायोजित बता रही हैं। वहीं भाजपा इसको लेकर कांग्रेस विधायकों पर सवाल उठ रही है। भाजपा कह रही है कांग्रेस व इनेलो दंगों पर राजनीति कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा लगातार अपनी सहयोगी जजपा के हर कदम पर निगाह बनाए हुए है।

जजपा नेता व डिप्टी सीएम दुष्यंत के दंगों और मेवात को लेकर की गई बयानबाजी ने भाजपा को मंथन मुद्रा में ला खड़ा कर दिया है। लंबे समय से कई मसलों पर भाजपा सरकार से नाराज चल रही खाप पंचायतों के दंगों को लेकर रुख को लेकर भी पार्टी निगाह बनाए हुए है। 


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