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Jitiya Vrat: संतान की लंबी उम्र के लिए पूजा सामग्री और विधि, जानें क्या चाहिए!

On: सितम्बर 12, 2025 11:36 पूर्वाह्न
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Jitiya Vrat: संतान की लंबी उम्र के लिए पूजा सामग्री और विधि, जानें क्या चाहिए!
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Jitiya Vrat: Puja material and method for the long life of children, know what is needed!: 
पटना | हिंदू धर्म में जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहते हैं, का खास महत्व है। यह व्रत खासतौर पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है। शादीशुदा महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं।

इस दौरान न तो खाना खाया जाता है और न ही पानी पिया जाता है। जितिया व्रत आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को नहाय-खाय के साथ शुरू होता है और नवमी तिथि को पारण के साथ खत्म होता है। इस व्रत की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है, जिसमें कई खास सामग्रियों की जरूरत होती है। आइए जानते हैं जितिया व्रत की पूजा सामग्री और विधि की पूरी जानकारी।

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जितिया व्रत पूजा सामग्री Jitiya Vrat

जितिया व्रत की पूजा के लिए कुछ खास चीजों की जरूरत पड़ती है। इनमें कुश (जीमूतवाहन की मूर्ति बनाने के लिए), गाय का गोबर (चील और सियारिन की आकृति के लिए), अक्षत (चावल), पेड़ा, दूर्वा की माला, श्रृंगार का सामान, सिंदूर, फूल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, मिठाई, फल, गांठ का धागा, धूप-दीप, बांस के पत्ते और सरसों का तेल शामिल हैं। ये सामग्री पूजा को विधिवत पूरा करने के लिए जरूरी हैं।

जितिया व्रत की पूजा विधि

जितिया व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन निर्जला व्रत रखें। शुभ मुहूर्त में कुश से बनी भगवान जीमूतवाहन की मूर्ति को चौकी पर स्थापित करें। धूप, दीप, फल और फूल भगवान को अर्पित करें।

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गाय के गोबर से बनी चील और सियारिन की मूर्तियों पर लाल सिंदूर लगाएं। इसके बाद जितिया व्रत की कथा सुनें और भगवान जीमूतवाहन की पूजा करें। अगले दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर उगते सूर्य को अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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