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Sadi S surgery for weight loss: वजन घटाने का नया फॉर्मूला, 80% तक कम करें बॉडी फैट

On: May 3, 2025 8:26 AM
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Sadi S surgery for weight loss: वजन घटाने का नया फॉर्मूला, 80% तक कम करें बॉडी फैट
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Sadi S surgery for weight loss in Hindi: आजकल वजन कम करना कई लोगों के लिए किसी पहाड़ चढ़ने जैसा लगता है। डाइटिंग, जिम, और दवाइयां जब असर नहीं दिखातीं, तो लोग सर्जरी जैसे विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इन दिनों ‘SADI-S’ नाम की एक खास वजन घटाने वाली सर्जरी सुर्खियों में है।

हाल ही में एक अमेरिकी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने इस सर्जरी के जरिए एक साल में 63 किलो वजन घटाया और अपनी कहानी दुनिया के साथ साझा की। उनकी इस कामयाबी ने SADI-S सर्जरी को रातोंरात मशहूर कर दिया। कहा जा रहा है कि यह सर्जरी शरीर की 80% तक चर्बी कम करने में मदद कर सकती है। आइए, इस सर्जरी के बारे में सबकुछ विस्तार से जानते हैं यह क्या है, कैसे काम करती है, और इसके फायदे-नुकसान क्या हैं।

SADI-S सर्जरी क्या है?

SADI-S, जिसका पूरा नाम ‘सिंगल एनैस्टोमोसिस डुओडेनो-इलियल बाईपास विद स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी’ है, एक ऐसी बेरिएट्रिक सर्जरी है जो वजन घटाने में मदद करती है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले पेट का लगभग 80% हिस्सा हटाया जाता है, जिससे खाने की मात्रा काफी कम हो जाती है। इसके बाद आंतों को इस तरह जोड़ा जाता है कि शरीर कम कैलोरी और पोषक तत्व सोखे। इस तरह, शरीर में अतिरिक्त चर्बी तेजी से घटने लगती है। यह सर्जरी उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो मोटापे से परेशान हैं और दूसरी कोशिशें नाकाम रही हैं।

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Sadi S surgery for weight loss: कितना असरदार है यह तरीका?

SADI-S सर्जरी के नतीजे हैरान करने वाले हैं। ज्यादातर लोग इस सर्जरी के बाद पहले साल में ही अपने अतिरिक्त वजन का 80 से 90% तक कम कर लेते हैं। यह सर्जरी न सिर्फ वजन घटाने में मदद करती है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, और नींद की बीमारी (स्लीप एपनिया) जैसी समस्याओं में भी सुधार लाती है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे मोटापे से जुड़ी बीमारियों के लिए एक कारगर उपाय मानते हैं।

कौन करवा सकता है यह सर्जरी?

यह सर्जरी उन लोगों के लिए बनाई गई है जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 40 से ज्यादा है या जिन्हें मोटापे की वजह से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। अगर डाइट और व्यायाम से वजन कम नहीं हो रहा, तो SADI-S एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, यह कोई छोटा फैसला नहीं है। सर्जरी से पहले डॉक्टर पूरी जांच करते हैं और मरीज की स्थिति के आधार पर सलाह देते हैं।

फायदे और जोखिम

SADI-S सर्जरी के फायदे तो कई हैं, लेकिन इसके कुछ जोखिम भी हैं। सर्जरी के बाद कुछ लोगों को दस्त, कमजोरी, या पोषण की कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी को रोकने के लिए जीवनभर सप्लीमेंट्स लेने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, सर्जरी के बाद खान-पान और जीवनशैली में बड़े बदलाव जरूरी हैं। मरीज को छोटे-छोटे हिस्सों में हेल्दी खाना खाना होगा और नियमित चेकअप करवाने होंगे। रिकवरी में आमतौर पर 2 से 4 हफ्ते लगते हैं, लेकिन लंबे समय तक देखभाल जरूरी है।

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सावधानी और सलाह

SADI-S सर्जरी एक प्रभावी तरीका हो सकता है, लेकिन इसे करवाने से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है। किसी अनुभवी बेरिएट्रिक सर्जन से सलाह लें और सर्जरी के बाद की जिम्मेदारियों को समझें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है और इसे चिकित्सा सलाह की जगह नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।

क्यों है यह सर्जरी चर्चा में?

SADI-S सर्जरी की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण है सोशल मीडिया। जब लोगों ने इस सर्जरी के जरिए दूसरों की जिंदगी बदलते देखा, तो उनकी उत्सुकता बढ़ी। यह सर्जरी न सिर्फ वजन घटाने में मदद करती है, बल्कि आत्मविश्वास और सेहत को भी नया जीवन देती है। अगर आप भी मोटापे से जूझ रहे हैं और कोई रास्ता नहीं सूझ रहा, तो SADI-S सर्जरी के बारे में जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य है और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह की जगह नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सर्जरी या स्वास्थ्य से जुड़ा फैसला लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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