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ERCP News : ईआरसीपी बनेगी राष्ट्रीय परियोजना, नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में करेंगे शामिल

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Meeting on ERCP in Delhi: केंद्र सरकार ईआरसीपी के नए मॉडल पर काम कर रही है। इस नए मॉडल के तहत ईआरसीपी को नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में शामिल कर राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया जाता है तो 90 फीसदी राशि केंद्र सरकार खर्च करेगी। राज्य सरकार को केवल 10 फीसदी पैसा ही देना होगा। ईआरसीपी से 13 जिलों को पीने और सिंचाई का पानी मिलेगा। करीब दो लाख हेक्टेयर में सिंचाई होगी।

Haryana News Post, (जयपुर) ERCP Meeting in Delhi : राजस्थान के 13 जिलों की पानी की जरूरत पूरी करने वाली पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) जल्द ही राष्ट्रीय परियोजना बनेगी। केंद्र सरकार इस परियोजना को नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में शामिल कर आगे काम काम शुरू करेगी। इस संबंध में बुधवार को जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें शेखावत ने ईआरसीपी को नदी जोड़ो प्रोजेक्ट के जरिए आगे बढ़ाने की पुष्टि की।

बैठक में ईआरसीपी के संशोधित ड्राफ्ट एमओयू पर चर्चा के बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच इसके लिए सहमति बन गई। अब राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अंतिम रूपरेखा तैयार करेंगे। इसके बाद ईआरसीपी को लेकर केंद्र के साथ ही राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एमओयू होगा।

ईआरसीपी में 11 नदियों को आपस में जोड़ा जाना है। इसमें 6 बैराज और एक बांध बनाया जाना है। कोटा जिले की पीपल्दा तहसील में नवनेरा बैराज का काम चल रहा है। बारां की शाहबाद तहसील में कुन्नू नदी पर कुन्नू बैराज, कूल नदी पर रामगढ़ बैराज, मांगरोल तहसील में पार्वती नदी पर महलपुर बैराज बनेगा। बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील में मेज नदी पर मेज बैराज और सवाई माधोपुर जिले की चौथ का बरवाड़ा तहसील में बनास नदी पर राठौड़ बैराज बनेगा।

लोकसभा चुनाव से पहले होगा एमओयू 

राजस्थान में ईआरसीपी को लेकर अशोक गहलोत सरकार के समय लंबा विवाद चला। ऐसे में अब भाजपा ईआरसीपी के विवाद को सुलझाने में लग चुकी है। माना जा रहा है कि यह एमओयू लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले हो जाएगा। साथ ही धरातल पर काम भी शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल, ईआरसीपी प्रभावित 13 जिलों में 83 विधानसभा और 9 लोकसभा सीटें आती हैं।

हाल ही में विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 83 सीटों में से 50 जीती थीं। भाजपा अब लोकसभा चुनाव में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देकर अपनी सियासी जमीन को मजबूत करना चाहती है। लोकसभा चुनाव से पहले अगर इस पर फैसला होता है तो 13 जिलों के लोग इससे खुश होंगे।

90 फीसदी राशि देगी केंद्र सरकार 

केंद्र सरकार ईआरसीपी के नए मॉडल पर काम कर रही है। इस नए मॉडल के तहत ईआरसीपी को नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में शामिल कर राष्ट्रीय परियोजना में शामिल किया जाता है तो 90 फीसदी राशि केंद्र सरकार खर्च करेगी। राज्य सरकार को केवल 10 फीसदी पैसा ही देना होगा। ईआरसीपी से 13 जिलों को पीने और सिंचाई का पानी मिलेगा। करीब दो लाख हेक्टेयर में सिंचाई होगी।

कांग्रेस राज में खर्च हुए करीब 1600 करोड़ 

ईआरसीपी पर कांग्रेस राज में करीब 1600 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। ईआरसीपी के तहत नवनेरा बैराज का काम चल रहा है, जिस पर 904 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसका 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। ईसरदा बांध का काम 75 प्रतिशत पूरा हो गया है। इस पर 672 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना निगम का भी गठन किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत 13 जिलों में छोटे बांध बनाए जाएंगे।

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