Aaj ka panchang 30 april 2025 Akshaya Tritiya Ka shubh time muhurat: 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जाएगा। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और शुभ कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता। यह दिन सुख, समृद्धि, और यश प्राप्ति का अनमोल अवसर लेकर आता है। आइए, आज के पंचांग, शुभ मुहूर्त, और इस पर्व पर किए जाने वाले पुण्य कार्यों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Aaj ka panchang 30 april 2025: 30 अप्रैल 2025 का पंचांग
आज पिङ्गला विक्रम संवत 2082 चल रहा है, और वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। यह दिन अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाएगा और सप्ताह का दिन बुधवार रहेगा।
सूर्योदय सुबह 5:43 बजे और सूर्यास्त शाम 6:54 बजे होगा। नक्षत्र में रोहिणी दोपहर 4:19 बजे तक रहेगी, इसके बाद मृगशिरा शुरू होगा। चंद्र राशि वृष (स्वामी ग्रह शुक्र) और सूर्य राशि मेष रहेगी। करण में गरज दोपहर 2:13 बजे तक, फिर वणिज होगा। योग में शोभन दोपहर 12:03 बजे तक रहेगा, इसके बाद अतिगण्ड शुरू होगा।
Akshaya Tritiya शुभ मुहूर्त: सही समय पर करें कार्य
अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। फिर भी, कुछ खास मुहूर्त इस दिन को और विशेष बनाते हैं।
विज मुहूर्त दोपहर 2:21 से 3:24 बजे तक, गोधुली मुहूर्त शाम 6:23 से 7:22 बजे तक, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:05 से 5:09 बजे तक, और अमृत काल सुबह 6:02 से 7:43 बजे तक रहेगा। निशीथ काल रात 11:41 से 12:21 बजे तक होगा। संध्या पूजन का समय शाम 6:21 से 7:09 बजे तक है। हालांकि, इस दिन अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
अशुभ समय और सावधानियां
राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान शुभ कार्यों से बचें। दिशा शूल उत्तर दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से परहेज करें। यदि यात्रा आवश्यक है, तो एक दिन पहले प्रस्थान का समय निकालकर यात्रा करें। साथ ही, इस पवित्र दिन पाप कर्मों से पूरी तरह दूर रहें और मन को सात्विक और निर्मल रखें।
अक्षय तृतीया पर करें ये पुण्य कार्य
अक्षय तृतीया का दिन दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए आदर्श है। सुबह पवित्र नदी में स्नान करें और शिवलिंग का पूजन करें, यह अत्यंत फलदायी माना जाता है। श्री सूक्त का पाठ करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। जल, मिठाई, सप्त अन्न (सात प्रकार के अनाज), और गुड़ का दान करें।
मंदिरों में भंडारे का आयोजन करें और अन्न दान करें। पक्षियों को दाना-पानी दें, गाय को पालक, गुड़, और रोटी खिलाएं। गौशाला में जाकर गायों की सेवा करें, इससे अखंड पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन स्वर्ण, चांदी, और हीरे जैसे आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। नया व्यवसाय शुरू करना, मकान खरीदना, या विवाह जैसे कार्यों के लिए भी यह दिन उत्तम है।
क्यों खास है Akshaya Tritiya?
अक्षय तृतीया का अर्थ है “जो कभी नष्ट न हो।” इस दिन किए गए कार्यों का पुण्य और प्रभाव स्थायी माना जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दान और भंडारे जैसे कार्य समाज में जरूरतमंदों की मदद करते हैं। यह दिन नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है, जो हर व्यक्ति के लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है।
30 अप्रैल 2025 (Aaj ka panchang 30 april 2025) को अक्षय तृतीया का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि, और शांति लाने का अवसर है। आज के शुभ मुहूर्त में पूजा, दान, और नए कार्य शुरू करके आप अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं। पंचांग के अनुसार समय का ध्यान रखें और पुण्य कार्यों में हिस्सा लें। इस खबर को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें ताकि सभी इस शुभ दिन का लाभ उठा सकें।












