AI Minister Diella: Albania’s AI Minister ‘Diella’ launched: World’s first such minister, corruption will be dealt a severe blow!: नई दिल्ली: इंसानों की जिंदगी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। हर क्षेत्र में AI का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन अल्बानिया ने इस मामले में बाकी देशों को पीछे छोड़ दिया है।
अल्बानिया ने दुनिया का पहला AI आधारित सरकारी मंत्री नियुक्त किया है। इसका नाम ‘डिएला’ है, जो अल्बानिया की भाषा में ‘सूर्य’ का मतलब रखता है। इस AI मंत्री को एक विभाग भी सौंपा गया है। यह देश में भ्रष्टाचार पर ब्रेक लगाएगी। सरकारी टेंडर से लेकर फंडिंग तक पर नजर रखेगी। यह AI मंत्री कोड और पिक्सेल से बनी है। अल्बानिया दक्षिणपूर्व यूरोप का एक देश है।
‘डिएला’ को वर्चुअली तैयार किया गया है AI Minister Diella
इस साल की शुरुआत में अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा ने कहा था कि देश के पास एक दिन डिजिटल मंत्री या AI प्रधानमंत्री होगा। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह इतनी जल्दी हकीकत बन जाएगा। 11 सितंबर को रामा ने तिराना में सोशलिस्ट पार्टी के अधिवेशन में AI मंत्री का परिचय कराया।
पॉलिटिको डॉट ईयू के मुताबिक, रामा ने कहा कि ‘डिएला सरकार का एकमात्र गैर-मानवीय सदस्य है जो शारीरिक रूप से मौजूद नहीं है बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से वर्चुअली तैयार की गई है।’ इस AI को सार्वजनिक खरीद की निगरानी और सरकारी खर्च में भ्रष्टाचार कम करने के लिए नियुक्त किया गया है।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
उन्होंने कहा कि यह AI मंत्री सभी सार्वजनिक निविदाओं का मूल्यांकन करेगी और उन्हें मंजूरी देगी। रिपोर्टों के मुताबिक, ‘डिएला’ पहले से ही देश के डिजिटल सेवाओं के पोर्टल के माध्यम से नागरिकों की मदद कर रही है और वॉयस कमांड के जरिए नौकरशाही से जुड़ी मांगों को पूरा कर रही है।
प्रधानमंत्री रामा के अनुसार, AI रिश्वतखोरी और धमकियों को रोकने में मदद करेगा। हालांकि, अल्बानियाई अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि किस प्रकार की मानवीय निगरानी तैनात की जाएगी।
लोगों को नौकरी भी देगी AI मंत्री
बताया जा रहा है कि इस AI मंत्री को निविदाओं का मूल्यांकन करने और दुनिया भर से प्रतिभाओं को नियुक्त करने का अधिकार भी होगा। AI यह कार्य प्रशासन की पूर्वाग्रह और कठोरता से जुड़ी आशंकाओं को दूर करने के साथ करेगा।
हालांकि, इस मंत्री की नियुक्त को लेकर लोग आशंकाएं भी जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक छोटी सी गलती राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है।












