लुधियाना, (Freemasons Artificial Limb Donation): लुधियाना के सराभा नगर में फ्रीमेसन्स सोसाइटी के लॉज विश्कर्मा नंबर 173 ने जरूरतमंद दिव्यांगों के लिए 31वां कृत्रिम अंग दान शिविर लगाया। यह कार्यक्रम 2010 से चल रहा है और हर बार गरीबों की जिंदगी बदल देता है। इस बार 50 कृत्रिम अंग तैयार रखे गए थे, जिनमें से 20 दिव्यांगों को तुरंत दिए गए। बाकी जरूरतमंदों के लिए जल्द इंतजाम होगा।
फ्रीमेसन्स कौन हैं?
लॉज के वरशिप मास्टर ब्रदर उमंग जोशी ने बताया कि फ्रीमेसन्स एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो भारत समेत दुनिया भर में फैली हुई है। इसके तीन मुख्य सिद्धांत हैं—भाईचारा, प्रेम, राहत और सत्य। लुधियाना में 56 सदस्यों का मजबूत परिवार है, जो दान और सामाजिक कामों में जुटा रहता है। सदस्यों के दोस्त और परिवार वाले भी इसमें शामिल होते हैं। जोशी बोले, “हम सेवा से इन सिद्धांतों को जीते हैं।”
लंगर और उत्साह का माहौल
शिविर को यादगार बनाने के लिए सदस्यों ने सभी के लिए लंगर का आयोजन किया। खुशी का माहौल था, दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे। मौके पर वैरी वरशिप ब्रदर किरण सिंह बिर्क, राइट वरशिप ब्रदर गुरदेव सिंह, ब्रदर सीए कवितांश खन्ना, ब्रदर मेजर सोई, ब्रदर बलबीर सिंह, ब्रदर संजीव कपूर, ब्रदर अनिल अग्रवाल, ब्रदर वालीया और लॉज के अन्य ब्रदर्स खास तौर पर मौजूद रहे।













