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Guru Purnima 2025 Sanskrit Shlok: गुरु पूर्णिमा पर इन संस्कृत श्लोकों के साथ करें गुरु का सम्मान, जानें अर्थ और महत्व

On: July 7, 2025 9:04 AM
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Guru Purnima 2025 Sanskrit Shlok: गुरु पूर्णिमा पर इन संस्कृत श्लोकों के साथ करें गुरु का सम्मान, जानें अर्थ और महत्व
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Guru Purnima 2025 sanskrit shlok guru brahma guru vishnu sloka to share on whatsapp message wishes: गुरु पूर्णिमा 2025 का इंतजार खत्म होने वाला है! 10 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर ये पावन पर्व मनाया जाएगा, जब हर शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करता है। गुरु वो दीपक है, जो अंधेरे में रास्ता दिखाता है, और गुरु पूर्णिमा वो दिन, जब हम उनके ज्ञान और मार्गदर्शन को सलाम करते हैं। संस्कृत साहित्य में गुरु की महिमा को बयां करने वाले श्लोक दिल को छू लेते हैं। चाहे आप अपने शिक्षक को धन्यवाद देना चाहें या माता-पिता को गुरु मानकर सम्मान देना हो, ये श्लोक और उनके अर्थ आपके भावों को और गहरा करेंगे। आइए, गुरु पूर्णिमा 2025 के लिए कुछ खास संस्कृत श्लोक, उनके अर्थ और व्हाट्सएप संदेश देखें!

Guru Purnima 2025 Sanskrit Shlok

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यिा माम शुचः ।।

अर्थ- सभी साधनों को छोड़कर केवल नारायण स्वरूप गुरु की शरणगत हो जाना चाहिए। वे उसके सभी पापों का नाश कर देंगे। शोक नहीं करना चाहिए।

गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरु आपने। गोबिंद दियो बताय॥

अर्थ- गुरु और गोविंद यानी कि भगवान, एक साथ खड़े हों तो किसे प्रणाम करना चाहिए – गुरु को अथवा गोविंद को? ऐसी स्थिति में गुरु के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम है जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

गुरु पूर्णिमा श्लोक

गुरु पूर्णिमा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि ज्ञान और भक्ति का उत्सव है। हिंदू परंपरा में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान माना जाता है। ये दिन महर्षि वेदव्यास को भी समर्पित है, जिन्हें प्रथम गुरु कहा जाता है। 10 जुलाई 2025 को गुरु पूर्णिमा मनाने का मतलब है अपने शिक्षकों, माता-पिता और उन सभी को याद करना, जिन्होंने हमें जीवन का पाठ पढ़ाया। ये पर्व हमें सिखाता है कि बिना गुरु के ज्ञान अधूरा है। चाहे स्कूल का टीचर हो या जिंदगी का सबक सिखाने वाला कोई बड़ा, इस दिन सभी गुरुओं को दिल से नमन करें।

गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु
“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर:।
गुरु: साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नम:।।”

अर्थ: गुरु ही ब्रह्मा हैं, जो हमें बनाते हैं; गुरु ही विष्णु हैं, जो हमारा पालन करते हैं; गुरु ही महेश्वर हैं, जो अंधकार को नष्ट करते हैं। गुरु स्वयं परमब्रह्म हैं, उन्हें मेरा प्रणाम।

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ये श्लोक गुरु की महिमा को सबसे खूबसूरत तरीके से बयां करता है। इसे गुरु पूर्णिमा 2025 पर अपने शिक्षक या माता-पिता को व्हाट्सएप पर भेजें और उनके चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें। ये श्लोक हर उस शख्स के लिए है, जिसने आपको कुछ सिखाया।

गुरु का आलोक

“अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया।
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नम:।।”

अर्थ: जिस गुरु ने मेरे अज्ञान के अंधेरे को ज्ञान के प्रकाश से दूर किया, उस गुरु को मेरा नमन।

ये श्लोक उन शिक्षकों के लिए है, जिन्होंने आपके जीवन में ज्ञान का दीप जलाया। गुरु पूर्णिमा 2025 पर इस श्लोक को अपने टीचर के साथ शेयर करें। ये न सिर्फ उनकी मेहनत को सम्मान देगा, बल्कि आपके रिश्ते को और मजबूत करेगा। इसे व्हाट्सएप स्टेटस पर डालकर भी आप अपने गुरु के प्रति आभार जता सकते हैं।

Guru Purnima Quotes In Hindi

अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया।
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

अर्थ -जिन्होंने अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान की अंजन-शलाका से दूर किया, उन गुरु को प्रणाम।

श्रद्धावान् लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः।
ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति॥”

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अर्थ -श्रद्धावान, संयमी और तत्पर शिष्य ही ज्ञान प्राप्त कर परम शांति पाता है।

Guru Purnima Shlok

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”

अर्थ -जो समस्त जगत में व्याप्त है, उस परमात्मा तक पहुँचाने वाले गुरु को नमन।

यस्य देवे परा भक्तिः यथा देवे तथा गुरौ।
तस्यैते कथिता ह्यर्थाः प्रकाशन्ते महात्मनः॥

अर्थ -जिसकी गुरु में वैसी ही भक्ति है जैसी ईश्वर में, उसके लिए ज्ञान स्वयं प्रकट होता है।

गुरु पूर्णिमा कोट्स

उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्।
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥

अर्थ -गुरु हमें स्वयं को उठाने और पतन से बचाने की प्रेरणा देते हैं।

कैसे मनाएं गुरु पूर्णिमा 2025?

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गुरु पूर्णिमा मनाने का सबसे अच्छा तरीका है अपने गुरु को सम्मान देना। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गुरु की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीप जलाएं। गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु जैसे श्लोकों का पाठ करें। अगर मुमकिन हो, तो अपने शिक्षक से मिलें, उन्हें उपहार दें या पत्र लिखकर धन्यवाद कहें। माता-पिता को भी गुरु मानकर उनकी सेवा करें। व्हाट्सएप पर श्लोक और शुभकामना संदेश भेजकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को इस पर्व से जोड़ें। इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। गुरु पूर्णिमा 2025 को यादगार बनाने के लिए अपने दिल की बात अपने गुरु तक जरूर पहुंचाएं!

Guru Purnima 2025 Wishes in Sanskrit

न गुरोरधिकं तत्त्वं न गुरोरधिकं तपः।
तत्त्वज्ञानात्परं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”

अर्थ -गुरु से बढ़कर न तत्त्व है, न तपस्या, और न ही तत्त्वज्ञान, उन गुरुदेव को नमन।

विद्यां ददाति विनयं विनयाद्याति पात्रताम्।
पात्रत्वाद्धनमाप्नोति धनाद्धर्मं ततः सुखम्॥

अर्थ – गुरु विद्या देते हैं, विद्या से विनय आती है, विनय से योग्यता, योग्यता से धन और धन से धर्म व सुख मिलता है।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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