यमुनानगर, (Kapalmochan): तीर्थराज कपालमोचन में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। तीसरे दिन सोमवार रात तक मेला में करीब सवा तीन लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे। प्रशासन के मुताबिक सोमवार रात तक मेला में करीब सवा तीन लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे। श्रद्धालु चार नवंबर की रात 12 बजे मेला में ऋणमोचन, कपालमोचन व सूरजकुंड सरोवर में स्नान करेंगे।
कपालमोचन में भक्ति का उत्सव
इसके अलावा श्रद्धालु कपालमोचन स्थित गुरुद्वारा साहिब पहली व दसवीं पातशाही के अलावा गऊ बच्छा घाट, गुरु रविदास मंदिर, बाबा दूधाधारी मंदिर, श्री कृष्ण मंदिर, श्री राम मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर माथा टेकेंगे। मान्यता है कि गुरु गोबिंद सिंह जब भंगानी का युद्ध जीत कर कपालमोचन में आए थे, तब उन्होंने संगत को कपालमोचन में आकर कार्तिक पूर्णिमा पर गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाने का हुक्म दिया था। तब से पंजाब समेत अन्य राज्यों से श्रद्धालु कपालमोचन आकर गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व मनाते हैं।
प्रशासन भी मुस्तैद
वहीं पवित्र सरोवरों में जैसे-जैसे स्नान की घड़ी नजदीक आ रही है, प्रशासन भी उसी हिसाब से मुस्तैद हो गया है। मेला में पुलिस का पहरा कड़ा कर दिया गया है। व्यासपुर से लेकर कपालमोचन मेला और आसपास के क्षेत्र में जगह-जगह पुलिसकर्मियों व होमगार्ड के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
सोमवार को अंबाला से आई डॉग स्क्वायड की टीम ने भी मेला क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मेला में आने वाले श्रद्धालुओं और दुकानदारों के सामान की जांच की गई। मंगलवार को कपालमोचन में बनाए गए प्रशासनिक खंड में मुख्य मेला प्रशासक डीसी पार्थ, मेला प्रशासक एसडीएम व्यासपुर जसपाल गिल और एसपी कमलदीप गोयल अधिकारियों की बैठक लेंगे, जिसमें स्नान से पूर्व की जाने वाली तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
कार्तिक पूर्णिमा के स्नान से पूर्व मेले में भीड़ बढ़ती जा रही है। इस मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालु कार, जीप, ट्रैक्टर-ट्राली, ट्रक व बसों में सवार होकर आ रहे हैं। मेला क्षेत्र में जाम न लगे इसलिए सभी वाहनों को व्यासपुर में चौराही मोड़ और साढौरा रोड पर भवानीपुर के पास ही रोका जा रहा है।
यहां से सभी वाहनों को पार्किंग में खड़ा करवाया जा रहा है। इसके आगे का सफर श्रद्धालुओं को ऑटो या फिर ई-रिक्शा में बैठ कर तय करना होगा। पुलिस नाकों से मेले में जाने के लिए प्रशासन की तरफ से 200 से अधिक ई-रिक्शा व ऑटो लगाए गए हैं।













