गुरुग्राम, 08 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। मारुति सुजुकी की सबसे लोकप्रिय कार स्विफ्ट अब हाइड्रोजन (Suzuki Swift Hydrogen) अवतार में नजर आएगी। वियना मोटर सिम्पोजियम 2026 में कंपनी ने हाइड्रोजन इंजन वाली स्विफ्ट को दुनिया के सामने पेश कर सबको हैरान कर दिया है। यह कार बिना किसी पेट्रोल के सीधे हाइड्रोजन ईंधन से चलेगी और कार्बन उत्सर्जन को शून्य के करीब ले जाएगी।
हरियाणा और दिल्ली-NCR के ऑटोमोबाइल हब के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सुजुकी ने 2026 वियना मोटर सिम्पोजियम में अपनी भविष्य की तकनीक का प्रदर्शन करते हुए हाइड्रोजन इंजन वाली स्विफ्ट को दुनिया के सामने पेश कर दिया है। मारुति सुजुकी का गढ़ माने जाने वाले हरियाणा के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में राज्य के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में इसी नई तकनीक पर काम शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
पेट्रोल इंजन की तरह काम करेगी हाइड्रोजन स्विफ्ट
आमतौर पर हाइड्रोजन कारों में फ्यूल सेल तकनीक का इस्तेमाल होता है जो बिजली पैदा कर मोटर चलाती है। लेकिन सुजुकी की यह नई स्विफ्ट बिल्कुल अलग है। इसमें पारंपरिक पेट्रोल इंजन की तरह ही सिलेंडर और पिस्टन दिए गए हैं, बस ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी ने AVL के साथ मिलकर ऐसी तकनीक विकसित की है जो मौजूदा इंजन के ढांचे में ही हाइड्रोजन को जलाने में सक्षम है।
पावरफुल इंजन और जबरदस्त टॉर्क का कॉम्बिनेशन
सुजुकी ने इस प्रोटोटाइप मॉडल में 1.4 लीटर का 4 -सिलेंडर इंजन फिट किया है। यह कार हाइड्रोजन डायरेक्ट इंजेक्शन (DI) टेक्नोलॉजी से लैस है, जो इंजन को लीन और स्टोइकोमेट्रिक दोनों मोड में चलाने में मदद करती है। परफॉर्मेंस की बात करें तो यह इंजन लगभग 100kW की अधिकतम पावर और 220Nm का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है। यह पावर आउटपुट स्विफ्ट जैसी हैचबैक के लिए काफी दमदार माना जा रहा है।
ईवी के मुकाबले क्यों है बेहतर विकल्प?
पूरी दुनिया इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर भाग रही है, लेकिन हाइड्रोजन इंटरनल कंबशन इंजन (H2-ICE) तकनीक एक अलग रास्ता दिखाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि वाहन बनाने की लागत ईवी के मुकाबले कम रह सकती है क्योंकि इसमें पारंपरिक इंजन का ही इस्तेमाल होता है। साथ ही, इससे कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होता है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।
हरियाणा के ऑटो हब पर पड़ेगा सीधा असर
आने वाले समय में अगर सुजुकी इस तकनीक को बड़े पैमाने पर भारत लाती है, तो गुरुग्राम और मानेसर के ऑटो पार्ट्स सप्लायर्स को अपनी तकनीक बदलनी होगी। सुजुकी का यह नया कदम स्पष्ट करता है कि वह केवल बैटरी वाले वाहनों पर निर्भर नहीं रहना चाहती। वियना के मंच पर इस कार को उतारकर कंपनी ने साफ संकेत दिया है कि भविष्य की मोबिलिटी में हाइड्रोजन इंजन एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरेगा।
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