Mahila Samriddhi Yojana Women in Delhi get Rs 2500 help every month, but only half of it can be withdrawn from the bank: महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे हाल ही में मंजूरी मिली है। इस योजना के तहत 21 से 60 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता (financial assistance) दी जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों की समिति की बैठक में इसे लागू करने का फैसला लिया गया। इसका मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त (women empowerment) और आत्मनिर्भर बनाना है। हालांकि, इस राशि का आधा हिस्सा तुरंत निकाला जा सकेगा, जबकि बाकी बचत खाते में जमा होगा। आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Mahila Samriddhi Yojana का उद्देश्य और महत्व
महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) दिल्ली की महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना भारतीय जनता पार्टी के चुनावी वादे का हिस्सा थी, जिसे अब लागू किया जा रहा है। इसका लक्ष्य महिलाओं का जीवन स्तर (living standard) सुधारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद देगी, बल्कि महिलाओं को भविष्य के लिए बचत करने का मौका भी देगी।
पात्रता में नया बदलाव
दिल्ली सरकार ने योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए परिवार की परिभाषा में बदलाव किया है। अब एक ही पते पर रहने वाले पिता और पुत्र के परिवारों को अलग-अलग माना जाएगा। यह योजना 21 से 60 साल की महिलाओं के लिए है। 60 साल से ऊपर की महिलाएं बुजुर्ग पेंशन योजना (senior citizen pension) के तहत लाभ पा रही हैं, इसलिए वे इस योजना से बाहर हैं। यह बदलाव अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाएगा।
राशि का वितरण और बचत का नियम
महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) के तहत 2500 रुपये की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए महिलाओं के बैंक खातों में आएगी। लेकिन पूरी राशि एक साथ निकालना संभव नहीं होगा। आधी राशि तुरंत निकाली जा सकेगी, जबकि बाकी राशि एक आरडी खाते (recurring deposit) में जमा होगी। यह राशि एक निश्चित समय बाद निकाली जा सकेगी। इस नियम से महिलाओं को बचत की आदत बनेगी।
20 लाख महिलाओं को लाभ
दिल्ली सरकार का दावा है कि महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) से करीब 20 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी। इसके लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट (budget allocation) तय किया गया है। योजना को प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। समिति हर पहलू पर विचार कर रही है ताकि लाभ सही और जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे।
विपक्ष के सवाल और सरकार का जवाब
विपक्ष ने योजना में देरी (scheme delay) को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। जवाब में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार इसे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू करना चाहती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही योजना पूरी पारदर्शिता (transparency) के साथ शुरू होगी। यह कदम दिल्ली की महिलाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।












