Fake Website Scam: डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। अब साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेने के लिए बड़ी कंपनियों, बैंकों और सरकारी संस्थानों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें तैयार कर रहे हैं। पहली नजर में ये वेबसाइटें बिल्कुल असली लगती हैं, लेकिन एक छोटी-सी लापरवाही बैंक खाते और निजी जानकारी दोनों को खतरे में डाल सकती है।
ऐसे मामलों को देखते हुए PIB Fact Check ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है और कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय साझा किए हैं। इन आसान बातों का ध्यान रखकर ऑनलाइन ठगी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सबसे पहले वेबसाइट का URL ध्यान से देखें
किसी भी वेबसाइट पर जाने के बाद सबसे पहले उसके वेब एड्रेस यानी URL की जांच करें। सुरक्षित वेबसाइट आमतौर पर https:// से शुरू होती हैं, जहां मौजूद ‘S’ सुरक्षित कनेक्शन का संकेत देता है।
साइबर ठग अक्सर असली वेबसाइट के नाम में एक-दो अक्षरों का बदलाव कर देते हैं या अतिरिक्त चिन्ह जोड़ देते हैं, जिससे सामान्य यूजर आसानी से भ्रमित हो सकता है। इसलिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका URL ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
ब्राउज़र में दिखने वाला पैडलॉक आइकन भी देता है संकेत
वेबसाइट खोलने पर एड्रेस बार के बाईं ओर दिखाई देने वाला पैडलॉक (ताले) का निशान भी महत्वपूर्ण होता है। यह बताता है कि वेबसाइट और यूजर के बीच भेजी जा रही जानकारी एन्क्रिप्टेड है।
हालांकि केवल पैडलॉक होना किसी वेबसाइट के पूरी तरह भरोसेमंद होने की गारंटी नहीं है, लेकिन अगर यह निशान मौजूद नहीं है, तो ऐसी वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड या कार्ड संबंधी विवरण दर्ज करने से बचना चाहिए।
पॉप-अप और ‘Limited Time Offer’ से रहें सावधान
फर्जी वेबसाइटें अक्सर लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए आकर्षक ऑफर दिखाती हैं। “Limited Time Offer”, “सिर्फ कुछ मिनट बाकी” या “अभी क्लिक करें” जैसे संदेश इसी रणनीति का हिस्सा होते हैं।
हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: क्या फोन हटाने के बाद भी चार्जर खाता है बिजली? जानिए कितने यूनिट का होता है नुकसान और क्या हैं खतरे
यदि कोई वेबसाइट बार-बार पॉप-अप दिखाकर मुफ्त गिफ्ट, भारी कैशबैक या अविश्वसनीय छूट का दावा कर रही है, तो उस पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी है।
‘About Us’ और ‘Contact Us’ पेज जरूर देखें
किसी भी विश्वसनीय कंपनी या संस्था की वेबसाइट पर About Us और Contact Us जैसे सेक्शन उपलब्ध होते हैं। इनमें कंपनी का पता, आधिकारिक ईमेल आईडी और ग्राहक सेवा से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
अगर किसी वेबसाइट पर ये जानकारी नहीं है, अधूरी है या संदिग्ध लगती है, तो सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी वेबसाइटों पर कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है।
अविश्वसनीय दावों पर तुरंत भरोसा न करें
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट पर दिखने वाले हर ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि कोई वेबसाइट एक क्लिक में सरकारी नौकरी, मुफ्त लैपटॉप या बाजार कीमत से 90 प्रतिशत कम दाम पर महंगे स्मार्टफोन देने का दावा कर रही है, तो पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
थोड़ी-सी सतर्कता और कुछ बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन करके ऑनलाइन ठगी से काफी हद तक बचा जा सकता है। किसी भी अनजान वेबसाइट पर भुगतान करने या निजी जानकारी साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करना हमेशा बेहतर विकल्प है।










