Pita Par Shayari the untold story of love and struggle Shayari on father 2025: पिता पर शायरी (Pita Par Shayari) वो भावनात्मक अभिव्यक्ति है जो पिता के अनकहे प्यार और बलिदान को शब्दों में पिरोती है। पिता, एक ऐसा नाम जो कम बोला जाता है, लेकिन हर कदम पर साथ देता है। उनकी खामोशी में छिपा है सपनों को पूरा करने का जुनून। आइए, 2025 में पिता के सम्मान में कुछ दिल को छूने वाली शायरियां पढ़ें, जो उनके संघर्ष और प्यार को बयां करती हैं।
Shayari on Father in Hindi
ये सोच के मां बाप की ख़िदमत में लगा हूं
इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा
– मुनव्वर राना
बेटियां बाप की आंखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं
और कोई दूसरा इस ख़्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं
– इफ़्तिख़ार आरिफ़
उन के होने से बख़्त होते हैं
बाप घर के दरख़्त होते हैं
– अज्ञात
अज़ीज़-तर मुझे रखता है वो रग-ए-जां से
ये बात सच है मिरा बाप कम नहीं मां से
– ताहिर शहीर
Father Shayari 2 line
घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूंगा
ग़म छुपा कर मिरे मां बाप कहां रखते थे
– साजिद जावेद साजिद
हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब
पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियां हम ने
– मेराज फ़ैज़ाबादी
मुझ को छांव में रखा और ख़ुद भी वो जलता रहा
मैं ने देखा इक फ़रिश्ता बाप की परछाईं में
– अज्ञात
घर लौट के रोएंगे मां बाप अकेले में
मिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में
– क़ैसर-उल जाफ़री
Miss you Papa Shayari
मां की दुआ न बाप की शफ़क़त का साया है
आज अपने साथ अपना जनम दिन मनाया है
– अंजुम सलीमी
मां बाप और उस्ताद सब हैं ख़ुदा की रहमत
है रोक-टोक उन की हक़ में तुम्हारे ने’मत
– अल्ताफ़ हुसैन हाली
हम ऐसी कुल किताबें क़ाबिल-ए-ज़ब्ती समझते हैं
कि जिन को पढ़ के लड़के बाप को ख़ब्ती समझते हैं
– अकबर इलाहाबादी
Father Shayari in Hindi
मुद्दत के बाद ख़्वाब में आया था मेरा बाप
और उस ने मुझ से इतना कहा ख़ुश रहा करो
– अब्बास ताबिश
दूर रहती हैं सदा उन से बलाएं साहिल
अपने मां बाप की जो रोज़ दुआ लेते हैं
– मोहम्मद अली साहिल
बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊंचाई तक
मां दुआ है जो सदा साया-फ़िगन रहती है
– सरफ़राज़ नवाज़
देर से आने पर वो ख़फ़ा था आख़िर मान गया
आज मैं अपने बाप से मिलने क़ब्रिस्तान गया
– अफ़ज़ल ख़ान
वो वक़्त और थे कि बुज़ुर्गों की क़द्र थी
अब एक बूढ़ा बाप भरे घर पे बार है
– मुईन शादाब
Pita Par Shayari
मेरा भी एक बाप था अच्छा सा एक बाप
वो जिस जगह पहुंच के मरा था वहीं हूं मैं
– रईस फ़रोग़
इन का उठना नहीं है हश्र से कम
घर की दीवार बाप का साया
– अज्ञात
हंसते हुए मां-बाप की गाली नहीं खाते
बच्चे हैं तो क्यूं शौक़ से मिट्टी नहीं खाते
– मुनव्वर राना
देर से आने पर वो ख़फ़ा था आख़िर मान गया
आज मैं अपने बाप से मिलने क़ब्रिस्तान गया
– अफ़ज़ल ख़ान
फ़ैसले लम्हात के नस्लों पे भारी हो गए
बाप हाकिम था मगर बेटे भिकारी हो गए
– राहत इंदौरी
पिता का प्यार: शब्दों में अनकहा
पिता का प्यार (Father’s Love) शब्दों से परे होता है। वो सुबह जल्दी उठकर काम पर जाते हैं, पसीने में भीगे कपड़ों में लौटते हैं, फिर भी चेहरे पर मुस्कान रखते हैं। उनकी आंखों में हमारे सपनों की चमक होती है। एक शायरी में कहा गया है,
“वो छांव बनकर धूप सहे, बाप की परछाईं में फरिश्ते बसे।”
ऐसी 2 लाइन शायरी (Father Shayari 2 Line) पिता के समर्पण को बखूबी दर्शाती है। उनकी हर सांस में बस हमारा भविष्य होता है।
खामोश संघर्ष की कहानी
पिता का जीवन संघर्षों की किताब है। वो कभी शिकायत नहीं करते, बस जिम्मेदारियों को निभाते हैं। जब हम गिरते हैं, वो चुपके से सहारा देते हैं। मशहूर शायर ने लिखा,
“बाप वो दरिया है जो थमता नहीं, सपनों के लिए खुद को मिटाता है।”
ऐसी पिता पर शायरी (Pita Par Shayari) हमें उनके बलिदान की गहराई समझाती है। वो हमें उड़ना सिखाते हैं, पर खुद जमीन पर रहते हैं।
मिस यू पापा: यादों की शायरी
कई बार पिता की यादें दिल को बेकरार कर देती हैं। मिस यू पापा शायरी (Miss You Papa Shayari) उन लोगों के लिए है जो अपने पिता की कमी महसूस करते हैं।
“तेरी बातें, तेरा वो प्यार, हर पल याद आता है पापा तेरा संसार।”
ऐसी शायरी दिल को भावुक कर देती है। पिता की यादें हमें उनकी सीख और प्यार को हमेशा जिंदा रखने की प्रेरणा देती हैं।












